अदालत ने कहा- चरस होने का तथ्य साबित, लेकिन आरोपित से बरामदगी साबित नहीं कर सका अभियोजन
बागेश्वर। विशेष सत्र न्यायाधीश पंकज तोमर की अदालत ने 2.004 किलोग्राम चरस बरामदगी के मामले में आरोपित मोबीन को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष बरामद पदार्थ के चरस होने का तथ्य तो साबित कर सका, लेकिन यह प्रमाणित नहीं कर पाया कि उक्त चरस आरोपित मोबीन से ही बरामद हुई थी।
मामला एक जनवरी 2023 का है। अभियोजन के अनुसार, एसओजी टीम ने मंडलसेरा बाईपास क्षेत्र में चेकिंग के दौरान मोबीन को पकड़ा था। तलाशी के दौरान उसके बैग से 2.004 किलोग्राम चरस बरामद होने का दावा किया गया। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करने के बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पुलिस टीम के सदस्यों समेत अन्य गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। बरामद पदार्थ को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजकर जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट में पदार्थ चरस पाया गया। अभियोजन की ओर से बरामदगी, गिरफ्तारी, सीलिंग और बरामद माल के परीक्षण से संबंधित दस्तावेज भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
न्यायालय ने साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद माना कि दस्तावेजी एवं मौखिक साक्ष्यों से बरामद पदार्थ के चरस होने का तथ्य सिद्ध होता है। हालांकि, अभियोजन यह साबित करने में सफल नहीं रहा कि उक्त चरस वास्तव में आरोपित मोबीन के कब्जे से बरामद हुई थी।
अदालत ने इसी आधार पर संदेह का लाभ देते हुए मोबीन को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के आरोप से दोषमुक्त कर दिया।







