हल्द्वानी, 2025। साहित्य और संस्कृति की समृद्ध परंपरा को समर्पित “उत्तराखंड कवियित्री फेस्टिवल 2025” का आयोजन इस वर्ष हल्द्वानी में अत्यंत गरिमामय वातावरण में किया गया। आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा कवयित्री मानसी जोशी को विश्व रचनाकार मंच द्वारा प्रदान किया गया प्रतिष्ठित “उत्तराखंड गोल्डन पोएट्री अवॉर्ड”।
इस समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्री राघवेन्द्र ठाकुर जी ने की। समारोह में प्रदेशभर से आईं चर्चित कवयित्रियों, कवियों, साहित्यप्रेमियों और विद्वानों की उपस्थिति रही। मंच पर जब मानसी जोशी को ट्रॉफी और मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया, तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
साहित्यिक साधना को मिली पहचान
पुरस्कार प्राप्त करने के उपरांत अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए मानसी जोशी ने कहा कि यह सम्मान मेरे लिए केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि मेरी साहित्यिक साधना को मिली एक सुंदर पहचान है। मेरे काव्य-पाठ के दौरान उपस्थित सभी कवि-प्रेमियों और विद्वानों ने जिस आत्मीयता से मेरी रचनाओं की सराहना की, वह पल मेरे हृदय में सदा संजोया रहेगा।”
उनकी कविताएँ उत्तराखंड की मिट्टी, संस्कृति और संवेदनशील मानवीय भावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति मानी जाती हैं। इस अवसर पर उन्होंने अपनी चर्चित रचनाओं का काव्य-पाठ भी प्रस्तुत किया, जिसे श्रोताओं ने भावविभोर होकर सुना और सराहा।
प्रेरणा और गौरव का क्षण
कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आईं कवियित्रियों ने भी अपनी कविताओं के माध्यम से नारी संवेदना, पर्यावरण, लोकसंस्कृति और समकालीन समाज की चुनौतियों पर अपने विचार रखे। पूरे आयोजन में साहित्यिक संवाद और सृजन की गहरी भावना देखने को मिली।
मानसी जोशी को इसी समारोह में “उत्तराखंड कवियित्री अवॉर्ड फ़ेस्टिवल 2025” से भी सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि यह पल उनके लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक रहा, जो उन्हें भविष्य में और अधिक समर्पण के साथ लेखन की ओर प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि मैं आगे भी अपनी मिट्टी, अपनी संस्कृति और अपनी भावनाओं को सच्चाई और सौंदर्य के साथ कविताओं में पिरोती रहूँगी।
साहित्यिक जगत ने दी शुभकामनाएँ
कार्यक्रम के समापन पर वरिष्ठ साहित्यकारों और आयोजकों ने मानसी जोशी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी रचनाएँ उत्तराखंड की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।








