बागेश्वर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देश पर शुक्रवार को “माता–पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007” विषय पर जिले में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर तहसील सभागार, बागेश्वर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और कल्याण से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना था।
शिविर में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती अनीता कुमारी ने उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण (MWPSC) अधिनियम, 2007 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को भरण-पोषण के लिए अपने बच्चों या वारिसों से सहायता प्राप्त करने का वैधानिक अधिकार प्रदान करता है। इसके अंतर्गत भरण-पोषण न्यायाधिकरणों की भूमिका, आवेदन प्रक्रिया, और न्याय वितरण तंत्र के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।
अनीता कुमारी ने आगे वरिष्ठ नागरिकों को संपत्ति सुरक्षा, सुरक्षा के कानूनी उपाय, और अपने अधिकारों के संरक्षण के लिए उपलब्ध वैधानिक माध्यमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज में वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान, सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना हम सभी का दायित्व है।
शिविर के दौरान उपस्थित लोगों को साइबर क्राइम, निःशुल्क कानूनी सहायता, नशे के दुष्परिणाम, तथा नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि नालसा हेल्पलाइन देशभर में जरूरतमंदों को त्वरित कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
शिविर में आए वरिष्ठ नागरिकों ने कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि इस तरह के आयोजन से उन्हें अपने अधिकारों और कानूनी सुरक्षा के उपायों की सही जानकारी मिलती है।
कार्यक्रम में संबंधित विभागों के अधिकारी, अधिवक्ता तथा बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।








