बागेश्वर। संघर्ष वाहिनी बागेश्वर के कार्यकर्ताओं ने एसबीआई तिराहे सहित नगर के विभिन्न क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल वीवीआईपी और वीआईपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी की हत्या में शामिल वीआईपी की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जानी चाहिए, ताकि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड की कानून व्यवस्था ठीक नहीं है और प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
संघर्ष वाहिनी के नेताओं ने कहा कि राज्य में पनप रही रिजॉर्ट संस्कृति और उसमें हो रही अय्याशी को किसी भी कीमत पर बढ़ने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने इसे सामाजिक ताने-बाने के लिए खतरनाक बताया।
इस मौके पर इंद्रेश मैखुरी ने नुक्कड़ सभा में उत्तराखंड सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में थाईलैंड के टूरिज्म मॉडल को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा और रिजॉर्ट संस्कृति के नाम पर फैल रही अय्याशी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में अराजकता का माहौल बना हुआ है और सरकार जनता के मुद्दों को गंभीरता से लेने में विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता को नियंत्रित नहीं कर सकती, बल्कि जनता ही सरकार को नियंत्रित करती है।
इंद्रेश मैखुरी ने स्पष्ट किया कि जब तक अंकिता भंडारी प्रकरण में पीड़िता को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनकी संघर्ष यात्रा जारी रहेगी। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आम जनता से भी इस आंदोलन से जुड़ने की अपील की गई। इस दौरान त्रिलोचन भट्ट, कवि जोशी, प्रकाश वाक्षमी मौजूद रहें








