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पूर्व जिपं अध्यक्ष ऐठानी ने भाजपा सरकार को घेरा, निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप

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बागेश्वर। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने प्रेस वार्ता कर भाजपा सरकार और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारी जनहित के बजाय बड़ी निविदाओं के प्रबंधन और ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने में जुटे हैं।

शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में ऐठानी ने लोनिवि और पीएमजीएसवाई के तहत निर्मित सड़कों और पुलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रिखाड़ी-कपकोट-पिंडारी मार्ग पर करीब 5.30 करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बाद भी सड़क को पीएमजीएसवाई को हस्तांतरित कर करीब 17 करोड़ रुपये की नई राशि प्रस्तावित कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पूर्व में हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता ठीक थी तो दोबारा इतनी बड़ी धनराशि की आवश्यकता क्यों पड़ी।

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ऐठानी ने बघर-ढोक्टी मार्ग का भी मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर करीब 3.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए, इसके बावजूद 7.50 करोड़ रुपये की नई निविदा लगाई गई है। उनका आरोप है कि पुरानी सड़क करीब 50 प्रतिशत तक क्षतिग्रस्त हो चुकी है। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी की निष्पक्ष जांच की मांग की।

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पूर्व जिपं अध्यक्ष ने नामती-चेटाबगड़ पुल के निर्माण में भूगर्भीय जांच की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बड़े निर्माण कार्यों में तकनीकी और भूगर्भीय पहलुओं की अनदेखी भविष्य में गंभीर समस्याएं खड़ी कर सकती है।

ऐठानी ने मांग की कि जिले में कराए जा रहे सभी बड़े निर्माण कार्यों से संबंधित डीपीआर, टेंडर, भुगतान और गुणवत्ता जांच से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं तथा पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों में डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की।

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उन्होंने कहा कि सरकार ने छोटे ठेकेदारों को 10 करोड़ रुपये तक के कार्य देने का वादा किया था, लेकिन धरातल पर इसका लाभ छोटे ठेकेदारों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने सरकार से वादे को पूरा करने और निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

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