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7400 करोड़ के अनुपूरक बजट से लेकर उमेश कुमार के इस्तीफे के ऐलान तक, पहले दिन गरमाई उत्तराखंड की सियासत

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भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के पहले दिन कांग्रेस का धरना, यूकेडी ने तोड़ी बैरिकेडिंग; अंकिता हत्याकांड, महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार पर विपक्ष ने सरकार को घेरा

गैरसैंण/भराड़ीसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में मंगलवार को शुरू हुआ दो दिवसीय विधानसभा सत्र पहले ही दिन राजनीतिक गहमागहमी का केंद्र बन गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में 7400 करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया, तो दूसरी ओर विपक्ष और विभिन्न संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। अंकिता भंडारी हत्याकांड, महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर कांग्रेस ने सरकार को घेरने की कोशिश की। वहीं, उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने दिवालीखाल में बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा के मुख्य गेट तक कूच किया। इस बीच खानपुर विधायक उमेश कुमार के विधायकी से इस्तीफा देने के ऐलान ने भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी।

7400 करोड़ से अधिक का अनुपूरक बजट पेश

भराड़ीसैंण विधानसभा में सुबह 11:13 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई। शुरुआत में दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी सहित अन्य दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री धामी ने खंडूड़ी के प्रदेश के विकास में योगदान को याद किया। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी के सामने उनके पिता को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि एक बेटी के लिए उसके पिता हीरो होते हैं।

सदन में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वारा सिंह बिष्ट सहित अन्य दिवंगत नेताओं के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को भी याद किया गया। भाजपा विधायकों ने खंडूड़ी के कार्यकाल से जुड़े अनुभव साझा करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उनके प्रयासों का उल्लेख किया।

इसके बाद दोपहर में मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगें प्रस्तुत करने का प्रस्ताव रखा। सरकार ने सदन के पटल पर 7400 करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया। सत्र के एजेंडे में छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट, मानवाधिकार आयोग की वार्षिक एवं विशेष रिपोर्ट तथा विभिन्न समितियों के प्रतिवेदन भी शामिल रहे। इसके अलावा उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम संशोधन अध्यादेश और उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधन अध्यादेश को सदन में रखने की कार्यवाही भी प्रस्तावित रही।

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अंकिता हत्याकांड और महिला सुरक्षा पर कांग्रेस का प्रदर्शन

सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक में प्रदेश के प्रमुख मुद्दों को सदन में उठाने और सरकार की जवाबदेही तय करने की रणनीति बनाई गई। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और अन्य कार्यकर्ताओं ने विधानसभा घेराव के लिए कूच किया।

पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके विरोध में पार्टी नेता और कार्यकर्ता बैरियर के पास धरने पर बैठ गए। कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड, महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा तथा कथित चंदा चोरी सहित अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की।

विपक्ष के प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विरोध करना विपक्ष का धर्म है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के ऐसे कदम सरकार को और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करते हैं।

यूकेडी ने तोड़ी बैरिकेडिंग, विधानसभा गेट तक पहुंचे कार्यकर्ता

उत्तराखंड क्रांति दल के प्रदर्शन ने भी सत्र के पहले दिन का माहौल गरमा दिया। दिवालीखाल में यूकेडी कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और विधानसभा के मुख्य गेट तक पहुंच गए। इससे विधानसभा परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हलचल बढ़ गई।

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वहीं, प्रदेश प्रधान संगठन ने भी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विधानसभा कूच करने का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोककर बसों के माध्यम से मालसी स्थित अस्थायी जेल भेज दिया।

गैरसैंण को जिला बनाने और केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग

विधानसभा सत्र के बीच गैरसैंण क्षेत्र की स्थानीय मांगें भी चर्चा में रहीं। स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और राज्य आंदोलनकारियों ने गैरसैंण को जिला घोषित करने की मांग उठाई। उन्होंने दो दिवसीय सत्र को लेकर भी नाराजगी जताते हुए गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।

इसके साथ ही क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग भी उठाई गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शैक्षिक सुविधाएं मिल सकेंगी और पहाड़ी क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।

उमेश कुमार के इस्तीफे के ऐलान से बढ़ी सियासी हलचल

सत्र के पहले दिन खानपुर विधायक उमेश कुमार के बयान ने भी राजनीतिक चर्चाओं को हवा दी। उन्होंने विधायकी से इस्तीफा देने का ऐलान करते हुए कहा कि वह दुखी और व्यथित हैं तथा हरिद्वार जिले से जुड़े मुद्दों को सदन में अपेक्षित मजबूती से नहीं उठा पा रहे हैं।

उमेश कुमार ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार, किसानों और आम जनता से जुड़े सवालों पर उन्हें विपक्ष का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। उनके अनुसार, वह पिछले साढ़े चार वर्षों से जनहित के मुद्दों पर विपक्ष के साथ की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन अब उन्हें अकेले संघर्ष करने जैसी स्थिति महसूस हो रही है।

उन्होंने सदन में अपने समर्थकों की संख्या बढ़ाने और जनता से जुड़े मुद्दों को अधिक मजबूती से उठाने की बात भी कही। साथ ही महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे विषयों पर लोगों का समर्थन मिलने की स्थिति में नए राजनीतिक विकल्प की संभावनाओं का जिक्र किया। हालांकि, इस्तीफे की औपचारिक प्रक्रिया और उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

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दलेर मेहंदी प्रकरण पर सुबोध उनियाल का रुख

सत्र के दौरान कैबिनेट मंत्री एवं संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने गायक दलेर मेहंदी से जुड़े विवाद पर भी अपना पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों को गलत बताया, जिनमें उनके द्वारा गायक से माफी मांगने का दावा किया जा रहा था। उनियाल ने कहा कि उन्हें माफी मांगने की जरूरत नहीं है और इस मामले में उनकी किसी से बातचीत नहीं हुई है।

यह विवाद टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में आयोजित कुंजापुरी मेले की सांस्कृतिक संध्या से जुड़ा है। कार्यक्रम में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान लिप-सिंक और बैकग्राउंड साउंड ट्रैक के इस्तेमाल को लेकर मंत्री ने मंच पर आपत्ति जताई थी। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद मुख्यमंत्री धामी की गायक मीका सिंह और दलेर मेहंदी से बातचीत भी चर्चा में रही। सुबोध उनियाल के ताजा बयान के बाद यह प्रकरण फिर सुर्खियों में आ गया।

दूसरे दिन की कार्यवाही पर टिकी निगाहें

भराड़ीसैंण में शुरू हुआ दो दिवसीय विधानसभा सत्र पहले ही दिन बजट, विपक्षी प्रदर्शन, स्थानीय मांगों और राजनीतिक बयानों के चलते चर्चा में रहा। एक ओर सरकार ने अनुपूरक बजट सदन में रखा, तो दूसरी ओर विपक्ष और विभिन्न संगठनों ने अपने मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया।

अब निगाहें 28 अक्टूबर को होने वाली सदन की कार्यवाही पर हैं। दूसरे दिन अनुपूरक बजट और अन्य प्रस्तावों पर चर्चा के साथ सरकार और विपक्ष के बीच किन मुद्दों पर बहस होती है, यह महत्वपूर्ण रहेगा।

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