बागेश्वर। पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक के दौरान रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक चौहान के मामले में अब परिवार ने उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज कर दी है। अभिषेक के पिता एवं सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में निरीक्षक रघुराज चौहान ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर मामले की सीबीआई से निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच कराने तथा उनके पुत्र की शीघ्र सकुशल बरामदगी सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार 28 वर्षीय अभिषेक चौहान 29 मई 2026 को पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक से लौटते समय द्वाली और खाती गांव के बीच रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। उस समय उनके साथ केवल स्थानीय ट्रेकिंग गाइड आनंदराम मौजूद था। परिवार का कहना है कि प्रशासन पिछले लगभग एक माह से लगातार सर्च अभियान चला रहा है, लेकिन अब तक अभिषेक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
पत्र में परिवार ने आरोप लगाया है कि गाइड द्वारा बताए गए घटनाक्रम और उपलब्ध तथ्यों के बीच कई सवाल खड़े होते हैं। इस संबंध में 7 जून 2026 को थाना कपकोट में गाइड के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। परिवार का कहना है कि मामले की जांच केवल गाइड के बयान तक सीमित न रखकर अपहरण, मानव अपराध और अन्य संगठित अपराध जैसे सभी संभावित पहलुओं से वैज्ञानिक तरीके से की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में परिवार ने कई मांगें रखी हैं। इनमें गाइड और संबंधित लोगों के बैंक खातों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), मोबाइल लोकेशन एवं अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच, गाइड का नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट, द्वाली-खाती क्षेत्र में हेलीकॉप्टर, ड्रोन, थर्मल इमेजिंग और स्निफर डॉग की सहायता से दोबारा व्यापक तलाशी, आसपास के बंद मकानों, झोपड़ियों और गुफाओं की जांच तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पूरे क्षेत्र में पुनः सघन खोज अभियान चलाने की मांग शामिल है।
प्रार्थना पत्र में बीएसएफ अधिकारी ने कहा है कि उन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष देश सेवा में समर्पित किए हैं और उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। उन्होंने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर मामले की सीबीआई जांच कराने तथा उनके पुत्र की सकुशल बरामदगी सुनिश्चित करने की अपील की है।








