बागेश्वर। जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में जिला सभागार में आयोजित जनता दरबार में प्रशासनिक अनुशासन की मिसाल देखने को मिली. बैठक के दौरान शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और अधिकारियों के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया. सबसे अधिक चर्चा अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) डॉ. अमित मिश्रा की रही, जिन्हें अनुशासनहीनता के चलते जिलाधिकारी की भारी नाराजगी और फटकार का सामना करना पड़ा.
एसीएमओ का फोन जब्त, शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
समीक्षा बैठक के दौरान जब डीएम आकांक्षा कोंडे स्वास्थ्य विभाग से जुड़े किसी गंभीर विषय पर एसीएमओ डॉ. अमित मिश्रा से जवाब मांग रही थीं, तो अधिकारी का व्यवहार बेहद आपत्तिजनक रहा. उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा कि “काम करने के लिए तो हम हल्द्वानी से यहाँ बागेश्वर में पड़े हैं.” इतना ही नहीं, जिलाधिकारी से वार्ता के दौरान ही वे मोबाइल पर किसी को फोन मिलाने लगे.
अधिकारी के इस आचरण पर डीएम भड़क गईं. उन्होंने इसे सेवा नियमावली का खुला उल्लंघन बताते हुए तत्काल कर्मियों से उनका मोबाइल फोन जमा करने को कहा. डीएम ने कड़ी फटकार लगाते हुए चेतावनी दी कि वे इस पूरे प्रकरण से शासन को अवगत कराएंगी कि एसीएमओ का आचरण पद की गरिमा के अनुकूल नहीं है.








