बागेश्वर। सड़क निर्माण की मांग को लेकर फुलवाड़ी, फुलाचौंरा और खाईंधार क्षेत्र के ग्रामीणों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। आंदोलन के पहले दिन ग्रामीणों ने बांह पर काला फीता बांधकर विरोध दर्ज कराया और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आंदोलन की शुरुआत गांव के ग्राम देवता श्री 108 भूम्याल देवता मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने गांव में प्रदर्शन करते हुए जल्द सड़क निर्माण शुरू करने की मांग उठाई। इस दौरान ग्रामीणों ने ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का नारा भी बुलंद किया।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र से पलायन कर भराड़ी, कपकोट, बागेश्वर, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, तराई-भाभर, दिल्ली, पंजाब, गुजरात, मुंबई समेत देश के अन्य हिस्सों और विदेशों में रह रहे क्षेत्रवासियों ने भी काली पट्टी बांधकर आंदोलन को समर्थन दिया है। सभी ने एक स्वर में कहा कि सड़क स्वीकृत होने तक आंदोलन को तन-मन-धन से सहयोग दिया जाएगा।
महिलाओं ने कहा कि सड़क सुविधा के अभाव का सबसे अधिक खामियाजा महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठाना पड़ रहा है। प्रसव, बीमारी और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान लाने-ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं का कहना था कि यदि शासन-प्रशासन उनकी पीड़ा को समझता तो आज गांव सड़क सुविधा से वंचित नहीं होता।
विरोध प्रदर्शन में पूर्व कैप्टन रतन सिंह दानू, करम सिंह दानू, चरण सिंह बघरी, शेर सिंह दानू, भवान सिंह ढोक्टी, गजेंद्र सिंह धामी, प्रताप सिंह धामी, खीम सिंह ढोक्टी, हीरा सिंह, करम सिंह धामी, तारा देवी, मोहनी देवी, डिगरी देवी, लीला देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।








