जागेश्वर। दिवाली की तिथि को लेकर बने असमंजस को सप्त ऋषिअखाड़ा के महामंडलेश्वर और जागेश्वर धाम के प्रधान पुरोहित श्री श्री 1008 कैलाशानंद जी महाराज ने दूर किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचांग और परंपरागत ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस वर्ष दिवाली 20 अक्तूबर को ही मनाई जाएगी।
दरअसल इस बार दिवाली की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कोई 20 तो कई 21 अक्तूबर को दिवाली बता रहा है। तिथि को लेकर भी पंडितों की
अलग-अलग राय है। इससे जनता में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। दिवाली की तिथि को लेकर बने असमंजस को श्री श्री 1008 कैलाशानंद जी महाराज ने दूर किया। उन्होंने बताया कि 20 अक्तूबर की पूरी रात्रि अमावस्या पड़ रही है जबकि 21 अक्तूबर की पूरी रात को अमावस्या नहीं है। ऐसे में 20 अक्तूबर को दिवाली पर्व मनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस मामले में बद्रीनाथ धाम के पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल और उत्तराखंड के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्यों से वार्ता के बाद यह निर्णय निकला।







