बागेश्वर। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला योजना की बैठक ली। बैठक में जिला योजना, राज्य एवं केंद्र पोषित योजनाओं और बीस सूत्रीय कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिला योजना में आवंटित बजट का समय पर व्यय सुनिश्चित किया जाए। जिन विभागों ने कार्य पूर्ण कर लिए हैं, वे तत्काल बिल भुगतान कर इसकी रिपोर्ट अर्थ एवं संख्या विभाग को उपलब्ध कराएं। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा कराते हुए फोटोग्राफ सहित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर बल दिया और जनहित में सही व पारदर्शी रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को कहा।
शिक्षा और निर्माण पर जोर
माध्यमिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए कि दूरस्थ विद्यालयों के छात्रों के लिए गणित और विज्ञान विषयों की ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की जाएं। वहीं, आरडब्ल्यूडी को टेंडरिंग प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा
समीक्षा में डी श्रेणी में पाए गए लघु सिंचाई, बाल विकास, उद्योग और लघु धातु उद्योग विभागों, तथा सी श्रेणी में पाए गए नगर निकाय और वन विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने बाल विकास विभाग को कुपोषित बच्चों की हर 15 दिन में मॉनिटरिंग और उद्योग विभाग को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का लक्ष्य समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सी और डी श्रेणी वाले विभाग अगले माह तक संतोषजनक प्रगति नहीं दिखाते हैं, तो विभागाध्यक्षों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
वित्तीय स्थिति और सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा
जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी दिनेश रावत ने जानकारी दी कि जिला स्तर से अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष जिला योजना में 36.51% और राज्य योजना में 53% व्यय किया गया है।
इसके बाद जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी पोर्टल पर लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा करें, शिकायतों का समयबद्ध और सकारात्मक निस्तारण सुनिश्चित करें तथा शिकायतकर्ताओं से सीधे संपर्क कर उनकी संतुष्टि सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।








