बागेश्वर। कपकोट क्षेत्र में रिखाड़ी-वाछम मोटर मार्ग पर हाल ही में किए गए डामरीकरण कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) कपकोट के अधिशासी अभियंता (ईई) को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने तथा संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि डामरीकरण कार्य पूरा होने के कुछ ही दिनों बाद सड़क की हालत खराब होने लगी है। जगह-जगह गड्ढे उभर आए हैं और हल्की बारिश के बाद ही सड़क के बीचों-बीच जलभराव की स्थिति बन रही है। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई है, जिसके कारण सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है।
ग्रामीणों ने सख्त लहजे में कहा कि विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की बर्बादी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो क्षेत्र की जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
इस संबंध में ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने अधिशासी अभियंता से विस्तृत वार्ता भी की। वार्ता के दौरान सड़क की मौजूदा स्थिति, जगह-जगह बने गड्ढों और वर्षा के बाद सड़क पर हो रहे जलभराव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि नई बनी सड़क का इतनी जल्दी खराब होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ज्ञापन देने वालों में कमलेश गढ़िया, नवीन जोशी, प्रदीप देवली, प्रकाश कपकोटी, रमेश गढ़िया, धीरज जोशी, गोविंद गढ़िया, विनोद गढ़िया, पवन गढ़िया, विमल जोशी और दर्शन ऐठानी सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।
वहीं, अधिशासी अभियंता ने ग्रामीणों की शिकायत का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच कराने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब ग्रामीणों की निगाहें विभागीय जांच और उसके परिणाम पर टिकी हुई हैं।








