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सरयू नदी में खनन पर रोक लगाने की मांग, जिला कार्यालय में किया प्रदर्शन

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बागेश्वर। विकास भवन के सामने सरयू नदी में हो रहे खनन कार्य को लेकर स्थानीय नागरिकों ने गहरी चिंता जताई है। इस संबंध में क्षेत्र के लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी बागेश्वर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल खनन कार्य पर रोक लगाने, बाढ़ सुरक्षा के लिए तटबंध एवं सुरक्षा दीवारों का निर्माण कराने तथा हल्के वाहन मार्ग बनाने की मांग की है।

ग्रामीणों ने बताया कि विकास भवन के सामने बहने वाली सरयू नदी में वर्तमान में बड़े पैमाने पर खनन कार्य किया जा रहा है। अनियंत्रित खनन से नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरणीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी तल से अत्यधिक मात्रा में उपखनिज निकाले जाने से नदी किनारों पर कटाव बढ़ने, जलीय जीवों के आवास नष्ट होने तथा भविष्य में बाढ़ और भू-क्षरण जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है।

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नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया है कि खनन कार्य में लगी भारी मशीनों और वाहनों के संचालन से आसपास के क्षेत्रों में ध्वनि एवं वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। इसके अलावा विकास भवन मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि जनभावनाओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए सरयू नदी किनारे तटबंध और बाढ़ सुरक्षा दीवारों का निर्माण कराया जाए। साथ ही अग्निकुंड पुल से गोमती पुल तक हल्के वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग का निर्माण भी किया जाए।

क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए खनन कार्य रोकने और जनसुरक्षा से जुड़े आवश्यक कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र के पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आम जनता की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। सरयू नदी में लगातार हो रहे खनन से पर्यावरण और जनसुरक्षा दोनों पर खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन को तत्काल खनन पर रोक लगाकर तटबंध और सुरक्षा दीवारों का निर्माण कराना चाहिए, ताकि भविष्य में बाढ़ और कटाव जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

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