बागेश्वर। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर जिला मुख्यालय स्थित गांधी पार्क में सामूहिक पेंशन उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में NMOPS से जुड़े शिक्षक-कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने प्रतिभाग कर पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर आवाज बुलंद की।
इस दौरान कर्मचारियों ने “NPS-UPS-TET भारत छोड़ो, उत्तराखंड छोड़ो” के नारे लगाए। शिक्षकों ने टीईटी व्यवस्था को लेकर भी विरोध जताया। कर्मचारियों ने एक स्वर में एनपीएस, यूपीएस और टीईटी व्यवस्था को समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि 9 अगस्त 1942 को शुरू हुए भारत छोड़ो आंदोलन की तर्ज पर अब शिक्षक-कर्मचारी “NPS-UPS भारत छोड़ो” अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई पेंशन व्यवस्थाओं से कर्मचारियों के भविष्य को लेकर असुरक्षा की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में कर्मचारियों के सेवानिवृत्त जीवन को सुरक्षित करने के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान अगस्त क्रांति और भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। कर्मचारियों ने कहा कि जिस तरह स्वतंत्रता आंदोलन में लोगों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया, उसी तरह पुरानी पेंशन की मांग को लेकर भी आंदोलन जारी रहेगा। वही बागेश्वर संघर्ष वाहिनी के जिलाध्यक्ष कवि जोशी ने भी उनके आंदोलन को समर्थन दिया। कार्यक्रम में NMOPS जिलाध्यक्ष प्रदीप गढ़िया, जिला मंत्री भारतेंदु पंत, चमोली प्रभारी डॉ. हरेंद्र सिंह रावल, प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रकाश टाकुली, प्रांतीय कोर कमेटी सदस्य लक्ष्मण कोरंगा, संरक्षक गोपाल मेहता, मंडलीय मंत्री कमलेश पांडे, जिला उपाध्यक्ष संजय टम्टा, हरेंद्र नेगी, कोषाध्यक्ष चंद्रशेखर कालाकोटी, डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी, कौस्तुभ उपाध्याय, केदार सिंह फर्त्याल, प्रताप ऐठानी, गजेंद्र गढ़िया, डॉ. पिंकी पांडेय, चेतना गढ़िया और कमला खेतवाल समेत कई शिक्षक-कर्मचारी मौजूद रहे।








