बागेश्वर। उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित कपकोट तहसील के दूरस्थ गांव बोरबलड़ा निवासी दया दानू का कौसानी के बुरांश होटल में सहकार भारती संगठन की ओर से स्वागत एवं सम्मान किया गया। औषधीय पौधे कुटकी की खेती और इससे जुड़े कार्यों में उल्लेखनीय योगदान के लिए दया दानू को यह सम्मान प्रदान किया गया है।
दया दानू ने पहाड़ों में कुटकी की खेती को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का उल्लेखनीय कार्य किया है। उनके प्रयासों से 400 से अधिक महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं और ग्रामीण क्षेत्रों से होने वाले पलायन को रोकने में भी मदद मिली है।
कौसानी के बुरांश होटल में आयोजित सम्मान समारोह में सहकार भारती के जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर पाण्डेय सहित संगठन के पदाधिकारियों ने दया दानू को सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि दया दानू ने विषम पर्वतीय परिस्थितियों में औषधीय खेती को आजीविका का माध्यम बनाकर अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
इस दौरान होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र मेहरा, थ्रीस कपूर, हरीश खड़कवाल, जलज खड़कवाल, सामाजिक कार्यकर्ता नवीन चंद्र सहित सहकार भारती से जुड़े दो दर्जन से अधिक महिला-पुरुष मौजूद रहे। सभी ने दया दानू को तीलू रौतेली सम्मान मिलने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।








