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बागेश्वर में बिखौती की धूम, सरयू-गोमती संगम पर उमड़ी आस्था की भीड़

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बागेश्वर : जिले में विश्वत संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही सरयू-गोमती संगम पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। लोगों ने पुण्य स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु बागनाथ मंदिर पहुंचे, जहां विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना और अनुष्ठान संपन्न कराए गए। कई श्रद्धालुओं ने अपनी ग्रह-नक्षत्र की स्थिति के अनुसार चावल, वस्त्र और अन्य सामग्री का दान भी किया, जिसे इस दिन विशेष पुण्यदायी माना जाता है।साथ ही कपकोट क्षेत्र में कासिलदेव और लाटू मंदिरों में बिखौती मेले की शुरुआत के साथ ही रौनक बढ़ गई है। मेले में सुबह से ही महिलाओं, बच्चों और युवाओं की भीड़ उमड़ रही है। लोकगीत, झोड़ा-चांचरी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया है।
बैजनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। काफलीगेर, शामा, कांडा सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भी यह पर्व पारंपरिक आस्था और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।

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वही श्रद्धालु विमला और उमा ने बताया कि वे सुबह से ही पूजा के लिए पहुंची थीं, लेकिन भारी भीड़ के कारण बमुश्किल उनका नंबर आया। उन्होंने बताया कि बैसाखी पर्व को लेकर हम सभी की काफी आस्था है। आज पूजा के मह्यम से हम साल भर परिवार की सुख समृद्धि की कामना करते है।

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वहीं पंडित कैलाश उपाध्याय ने बताया कि विश्वत संक्रांति का पर्व अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस अवसर पर किए गए धार्मिक कार्यों से सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि कुमाऊं में इस पर्व को नए वर्ष और कृषि चक्र की शुरुआत के रूप में भी देखा जाता है, इसलिए लोग पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इसमें भाग लेते हैं।

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