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मानकों पर खरे नहीं उतरे खाद्य उत्पाद,निर्माता व विक्रेताओं पर 3.60 लाख का दंड

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बागेश्वर: खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वाले कारोबारियों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो मामलों में कुल तीन लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई से मिलावटी और अधोमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा 29 अगस्त 2024 को संग्रहित 9 एएम टमेटो केचप का नमूना जांच में अधोमानक पाया गया। जांच में उत्पाद में पल्प की मात्रा निर्धारित मानकों से कम पाई गई। इस पर न्याय निर्णायक अधिकारी एवं जिलाधिकारी बागेश्वर ने निर्माता पर तीन लाख रुपये तथा डिस्ट्रीब्यूटर पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है। उन्होंने बताया कि एक अन्य मामले में 26 फरवरी 2020 को लिए गए अमूल मोटी यूएचटी ट्रीटेड होमोजेनाइज्ड टोंड मिल्क के नमूने में भी निर्धारित मानकों के अनुरूप एसएनएफ की मात्रा नहीं पाई गई। इस मामले में निर्माता और विपणनकर्ता पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विपिन कुमार ने कहा कि गर्मी के मौसम में फूड पॉइजनिंग और दूषित खाद्य पदार्थों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पर्यटकों और स्थानीय उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी खाद्य नमूने की जांच में मिलावट अथवा गुणवत्ता संबंधी अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य कारोबारियों को एफएसएसएआई के मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सभी कारोबारियों की जिम्मेदारी है।

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