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केदारेश्वर मैदान की बदहाली ने ली बच्चे की परीक्षा, गड्ढे में पैर पड़ने से फ्रैक्चर

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खराब खेल मैदान ने 13 वर्षीय बच्चे को पहुंचाई चोट, जांघ की हड्डी टूटी

समय पर नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस, एनडीआरएफ के वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया घायल

कपकोट। केदारेश्वर मैदान में अभ्यास के दौरान एक 13 वर्षीय बच्चे के साथ हादसा हो गया। मैदान में बने गड्ढे में पैर पड़ने से बच्चे की जांघ की हड्डी टूट गई। हादसे के बाद 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके बाद मैदान में मौजूद एनडीआरएफ कर्मियों ने अपने वाहन से घायल बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट पहुंचाया।

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जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे भूपेंद्र कोरंगा (13) केदारेश्वर मैदान में अभ्यास कर रहा था। इसी दौरान छलांग लगाते समय उसका दायां पैर मैदान में मौजूद एक गड्ढे में पड़ गया और वह गंभीर रूप से चोटिल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद लेने का प्रयास किया, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी।

हादसे के समय मैदान में मौजूद एनडीआरएफ के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए घायल भूपेंद्र को अपने वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट पहुंचाया।

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सीएचसी में चिकित्सक डॉ. पीयूष ने घायल का परीक्षण और एक्स-रे कराया। उन्होंने बताया कि भूपेंद्र की दायीं जांघ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे आगे के उपचार के लिए रेफर किया गया।

खराब मैदान को लेकर उठे सवाल

घटना के बाद भूपेंद्र के साथ मैदान में मौजूद उसके साथियों ने खेल मैदान की स्थिति पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मैदान में जगह-जगह गड्ढे होने के कारण खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और हादसे की आशंका बनी रहती है।

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साथियों और स्थानीय लोगों ने क्षेत्रीय विधायक से केदारेश्वर मैदान की जल्द मरम्मत और समतलीकरण कराने की मांग की है, ताकि बच्चों और खिलाड़ियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

वहीं, घायल बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने की बात भी सामने आई है। घटना ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और सरकारी दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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