सूचना तंत्र मजबूत करने और अपराधों की रोकथाम पर जोर, किरायेदारों का सत्यापन कराने की अपील
बागेश्वर। ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था मजबूत करने, अपराधों पर अंकुश लगाने और नशामुक्त समाज बनाने के उद्देश्य से झिरौली थाना पुलिस ने ग्राम प्रहरियों के साथ समन्वय गोष्ठी आयोजित की। मंगलवार को थाना परिसर में आयोजित गोष्ठी में ग्राम स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने पर जोर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा के निर्देशन में थानाध्यक्ष मनोहर चंद की अध्यक्षता में हुई गोष्ठी में ग्राम प्रहरियों से उनके क्षेत्रों की समस्याओं और गतिविधियों की जानकारी ली गई। पुलिस ने कहा कि ग्राम प्रहरी पुलिस की आंख और कान हैं। गांवों में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, बाहरी व्यक्ति या अजनबी की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
गोष्ठी में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और नशे की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ग्राम प्रहरियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। साथ ही गांवों में बाहरी व्यक्तियों और मजदूरों को किराये पर रखने से पहले उनका पुलिस सत्यापन कराने के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने को कहा गया।
इस दौरान बच्चों और महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा एवं अपराधों की रोकथाम पर भी चर्चा की गई। पुलिस ने ग्राम प्रहरियों के माध्यम से ग्रामीणों तक जागरूकता संदेश पहुंचाने पर जोर दिया। इसके अलावा गौरा शक्ति एप और उत्तराखंड पुलिस एप की जानकारी देते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी कॉल से बचाव के उपाय बताए गए।
पुलिस ने किसी भी आपात स्थिति या अपराध की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबर 112 पर देने और साइबर ठगी होने पर 1930 पर संपर्क करने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने में ग्राम प्रहरियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनके माध्यम से मिलने वाली सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।







