बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बागेश्वर में भाषा उत्कृष्टता केंद्र के तत्वावधान में आयोजित लेखन एवं सामग्री निर्माण कार्यशाला का समापन हो गया। कार्यशाला में शिक्षकों और प्रशिक्षुओं को विद्यालयी शिक्षा में हिंदी भाषा के शिक्षण को अधिक प्रभावी, रुचिकर और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम समन्वयक कुंदन सिंह रावत ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में हिंदी भाषा की समझ, शुद्ध अभिव्यक्ति और लेखन कौशल को विकसित करने के साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री तैयार करने के लिए प्रतिभागियों को दक्ष बनाना था। प्रशिक्षण के दौरान मानक हिंदी, व्याकरण, वाक्य रचना, ध्वनियों के शुद्ध उच्चारण, उच्चारण संबंधी स्वरूप और वर्णमाला सहित भाषा के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों और व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से लेखन एवं शिक्षण सामग्री निर्माण की बारीकियां समझाईं। साथ ही गतिविधि आधारित शिक्षण, रचनात्मक सामग्री के उपयोग और नवाचारपूर्ण शिक्षण विधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि विकसित करने पर जोर दिया गया।
प्रशिक्षु किसलय आगरी ने बताया कि कार्यशाला उनके लिए काफी उपयोगी रही। प्रशिक्षण के दौरान हिंदी भाषा के शुद्ध प्रयोग, व्याकरण और प्रभावशाली लेखन के साथ ही शिक्षण सामग्री को रोचक एवं सरल तरीके से तैयार करने की नई जानकारियां मिलीं। उन्होंने कहा कि यहां सीखे गए तरीकों का उपयोग विद्यालयों में शिक्षण कार्य के दौरान किया जा सकेगा।
वहीं प्रशिक्षु राजेश चौहान ने बताया कि कार्यशाला में सैद्धांतिक जानकारी के साथ व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि भाषा शिक्षण को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय रचनात्मक गतिविधियों और विभिन्न शिक्षण सामग्रियों के माध्यम से अधिक प्रभावशाली बनाया जा सकता है। इस प्रशिक्षण से हिंदी भाषा के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कार्यशाला को शिक्षकों की भाषाई दक्षता और शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया। समापन अवसर पर प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और कौशल का विद्यालयों में प्रभावी उपयोग करने का आह्वान किया गया।







