बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बागेश्वर में भाषा उत्कृष्टता केंद्र के तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय लेखन एवं सामग्री निर्माण कार्यशाला का समापन हो गया। 28 से 31 अक्टूबर तक आयोजित इस कार्यशाला में विद्यालयी शिक्षा में हिंदी भाषा की गुणवत्ता और शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम समन्वयक कुंदन सिंह रावत ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यालयी शिक्षा में हिंदी भाषा की समझ, अभिव्यक्ति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को बढ़ावा देना रहा। इस दौरान प्रतिभागियों को मानक हिंदी भाषा, व्याकरण, वाक्य रचना, ध्वनियों के सही उच्चारण, उच्चारण संबंधी स्वरूप तथा वर्णमाला आदि विषयों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों और अभ्यासों के माध्यम से लेखन एवं शिक्षण सामग्री निर्माण की बारीकियां समझाई गईं।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने भाषा शिक्षण को रोचक, सरल और प्रभावशाली बनाने के विभिन्न तरीकों पर प्रकाश डाला। प्रतिभागियों को हिंदी भाषा के शुद्ध प्रयोग, भाषाई दक्षता विकसित करने और विद्यार्थियों में भाषा के प्रति रुचि पैदा करने के लिए व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्यशाला के दौरान भाषा शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण और रचनात्मक सामग्री के उपयोग पर भी जोर दिया गया। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि प्रभारी प्रचार्य मनोज पांडे एवं संस्थान के अधिकारियों ने कार्यशाला को शिक्षकों की भाषाई दक्षता और शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से शिक्षकों को नई शिक्षण विधियों और नवाचारों को अपनाने का अवसर मिलता है, जिसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। विभिन्न विशेषज्ञों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। चार दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी को विद्यालयों में शिक्षण कार्य के दौरान उपयोग में लाने का आह्वान किया गया। इस दौरान रवि जोशी,रुचि पाठक,डॉ बी डी पांडे, डॉ संदीप जोशी,डॉ राजीव जोशी,पूजा लोहनी आदि मौजूद रहे।







