बागेश्वर : भराड़ी-सोंग-मुनार सड़क का डामरीकरण कार्य एक बार फिर विवादों में आ गया है। कार्य में मानकों की अनदेखी और गुणवत्ताहीन निर्माण के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने भारी रोष व्यक्त किया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर डामरीकरण में गंभीर अनियमितताएं बरती जा रही हैं, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हो रही है।
जगयुड़ा के समीप दुलम गांव के ग्रामीणों—सुरेंद्र, रघु, मुन्ना, दरवान सिंह, राजेंद्र और धीरज सहित अन्य लोगों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मिट्टी के ऊपर ही डामर बिछाया जा रहा है। विरोध स्वरूप ग्रामीणों ने मौके पर डामर उखाड़कर नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क के सुधारीकरण और डामरीकरण कार्य को लेकर पहले भी कई बार विरोध प्रदर्शन हो चुका है। टैक्सी चालक और स्थानीय लोग पूर्व में भी गुणवत्ता को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं, जबकि शिकायतों के बाद विभाग द्वारा पैराफिट तोड़े जाने की कार्रवाई भी की गई थी।
विवाद के बीच मजदूरों द्वारा सड़क पर जेसीबी मशीन खड़ी कर मार्ग अवरुद्ध करने का मामला भी सामने आया था, जिसके बाद जिलाधिकारी से शिकायत की गई। वहीं, डामरीकरण कार्य कर रहे मजदूरों ने ग्रामीणों पर गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिससे क्षेत्रीय लोगों में और अधिक रोष व्याप्त है। टैक्सी चालकों ने भी निर्माण गुणवत्ता और ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस शिकायत को लेकर नाराजगी जताई है।
इधर, विभागीय अभियंता भूपेंद्र भट्ट ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद कार्य रोक दिया गया है। अधिशासी अभियंता और कनिष्ठ अभियंता स्वयं मौके पर जाकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करेंगे तथा कमी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।








