उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सुगम और तेज यात्रा का जरिया मानी जाने वाली हेली सेवा अब आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने वाली है। 1 मई से हेली सेवा के किरायों में अचानक की गई वृद्धि ने स्थानीय निवासियों और यात्रियों को तगड़ा झटका दिया है। नई दरों के लागू होने के बाद क्षेत्रवासियों में सरकार और विमानन कंपनी के खिलाफ स्पष्ट नाराजगी देखी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गरुड़ से हल्द्वानी के बीच चलने वाली हेली सेवा का किराया, जो अब तक ₹3500 था, उसे सीधे ₹1000 बढ़ाकर अब ₹4500 कर दिया गया है।
इसी तरह गरुड़ से देहरादून के किराए में भी इजाफा किया गया है, जिससे मध्यम वर्ग के यात्रियों के लिए हवाई सफर अब एक लग्जरी बनता जा रहा है।
खासकर बागेश्वर जिले के उन लोगों के लिए मुश्किलें और बढ़ गई हैं, जो पहले सड़क मार्ग से गरुड़ पहुँचते हैं और फिर वहां से हेली सेवा लेते हैं। अतिरिक्त किराये के बोझ ने उनके पूरे यात्रा बजट को बिगाड़ कर रख दिया है।
स्थानीय व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने इस वृद्धि पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा है कि हेली सेवा का मुख्य उद्देश्य दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों को बेहतर और सस्ती कनेक्टिविटी देना था, लेकिन लगातार बढ़ते दाम इस उद्देश्य को ही खत्म कर रहे हैं।
दूसरी ओर, हैरिटेज एविएशन के महाप्रबंधक ने किराया वृद्धि का बचाव करते हुए बताया कि ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के कारण कंपनी को यह फैसला लेना पड़ा है।
बुकिंग पोर्टल के अनुसार, ये नई दरें 1 मई से प्रभावी हो जाएंगी। क्षेत्रवासियों ने अब सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप कर किराया वृद्धि पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई है।








