कपकोट। बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र के दुलम गांव निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव घर से करीब 500 मीटर दूर बरामद हुआ। मृतक के चेहरे पर चोट के निशान पाए गए हैं और चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त था। परिजनों ने जंगली जानवर, विशेषकर भालू के हमले में उनकी मौत होने की आशंका जताई है। सूचना के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार दुलम निवासी डूंगर सिंह पुत्र आन सिंह बीते 10 सितंबर को घर से दुकान जाने के लिए निकले थे। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटे। काफी देर तक उनके घर नहीं पहुंचने पर परिजनों को चिंता हुई। परिजनों और ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्रों में उनकी तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। लगातार खोजबीन के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर 12 सितंबर को परिजनों ने कपकोट थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई।
गुमशुदगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने ग्रामीणों, एसडीआरएफ और स्थानीय रेस्क्यू टीम के साथ मिलकर बुजुर्ग की तलाश शुरू की। टीमों ने आसपास के जंगलों और संभावित स्थानों पर खोज अभियान चलाया। कई दिनों तक तलाश के बाद 16 सितंबर को घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर डूंगर सिंह का शव बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
परिजनों के अनुसार डूंगर सिंह के चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे और चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त था। परिस्थितियों को देखते हुए परिजनों ने आशंका जताई कि जंगल में किसी जंगली जानवर ने उन पर हमला किया होगा। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। वन विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक जानकारी जुटाई।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव से डूंगर सिंह की दुकान की दूरी करीब एक किलोमीटर है और रास्ते का काफी हिस्सा घने जंगल से लगा हुआ है। क्षेत्र में जंगली जानवरों की आवाजाही को लेकर ग्रामीण पहले भी चिंता जताते रहे हैं। बुजुर्ग की मौत के बाद ग्रामीणों में भी भय का माहौल है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में जंगली जानवरों की सक्रियता का पता लगाने के लिए प्रभावी निगरानी और गश्त बढ़ाने की मांग की है। साथ ही गांव के आसपास जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए वन विभाग और प्रशासन से नियमानुसार उचित मुआवजा देने की भी मांग की है।
इधर, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस और वन विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बुजुर्ग की मौत किस कारण से हुई। मामले को लेकर ग्रामीणों और परिजनों की नजर अब जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है।







