logo

सरकारी जमीनों की नीलामी को लेकर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

खबर शेयर करें -

बागेश्वर। उत्तराखंड में सरकारी विभागों की बेशकीमती जमीनों और संपत्तियों को नीलाम किए जाने के मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर सरकारी जमीनों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी करने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं ने पत्रकार वार्ता कर सरकार से इन प्रस्तावों को सार्वजनिक करने और स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर बोर्ड (यूआईडीबी) के माध्यम से करीब 1176 एकड़ यानी छह हजार बीघा से अधिक सरकारी जमीन को निजी हाथों में देने की तैयारी की गई है। उनका दावा है कि इन जमीनों को लेकर तैयार प्रस्तावों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली अनुशंसा समिति की सिफारिश के आधार पर अंतिम स्वीकृति दे दी है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अर्जुन भट्ट, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी और पूर्व अध्यक्ष लोकमणि पाठक ने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी जमीनें और संपत्तियां जनता की संपत्ति हैं। इनका इस्तेमाल सार्वजनिक हित और विकास कार्यों के लिए होना चाहिए। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनता को वास्तविक स्थिति से अवगत कराने के बजाय पूरे मामले में गुमराह कर रही है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में देने से पहले सरकार को इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने जमीनों के स्थान, क्षेत्रफल, प्रस्तावित उपयोग और नीलामी अथवा हस्तांतरण की प्रक्रिया को लेकर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि बेशकीमती सरकारी जमीनों को लेकर जिस तरह के फैसले लिए जा रहे हैं, उनसे भविष्य में सार्वजनिक संपत्तियों पर निजी हित हावी होने की आशंका है। कांग्रेस ने सरकार से पूरे मामले में पारदर्शिता बरतने और प्रस्तावों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

Share on whatsapp