दुग्ध उत्पादन से आत्मनिर्भर बन रही हैं महिलाएं : किशन बोरा
गरुड़। डेयरी विकास विभाग के तत्वावधान में दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति फुलवाड़ीगूंठ में दुग्ध उत्पादक महिलाओं के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित करने के साथ ही लाभांश और बोनस का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख किशन बोरा ने कहा कि दुग्ध उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि दुग्ध व्यवसाय से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि दूध केवल आय का स्रोत ही नहीं, बल्कि बच्चों और युवाओं के शारीरिक एवं बौद्धिक विकास के लिए भी आवश्यक है।
विशिष्ट अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष भावना वर्मा ने कहा कि पहाड़ की महिलाओं ने हमेशा कृषि और पशुपालन की जिम्मेदारी संभालकर परिवार और समाज को मजबूत बनाया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अथक परिश्रम से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
डेयरी विकास विभाग के सहायक निदेशक अनुराग मिश्र ने विभाग की विभिन्न योजनाओं और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने दुग्ध उत्पादकों से विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर समिति से जुड़ी महिलाओं को दो वर्षों का लाभांश एवं बोनस वितरित किया गया। साथ ही दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 30 महिलाओं को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की गई।
कार्यक्रम में सभासद ममता देवी, महिला प्रसार कार्यकर्ता सुशीला टम्टा, भागीरथी आर्या, बाबी कुमार, अंजली टम्टा, दया टाकुली सहित बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक महिलाएं उपस्थित रहीं।
किशन बोरा, ब्लॉक प्रमुख ने बताया कि दुग्ध उत्पादन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का मजबूत माध्यम है। इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है और स्वरोजगार को बढ़ावा मिल रहा है।
अनुराग मिश्र,सहायक निदेशक,डेयरी विकास विभाग ने बताया कि
विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादकों के हित में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाएं डेयरी व्यवसाय से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनें।”







