बीच सड़क पर 108 एंबुलेंस का एक्सेल टूटा, घायल मरीज की बढ़ी परेशानी
सभासद विजय पाल मटियानी ने मौके पर पहुंचकर कराई दूसरी एंबुलेंस की व्यवस्था, स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर उठाए सवाल
बागेश्वर। नदीगांव-गिरछिना मार्ग पर थोड़ाई के पास देर रात गंभीर रूप से घायल मरीज को अल्मोड़ा ले जा रही 108 एंबुलेंस का एक्सेल टूट गया। एंबुलेंस के बीच सड़क पर खराब होने से उसमें सवार घायल मरीज और उसके तीमारदारों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर सैम मंदिर वार्ड के सभासद विजय पाल मटियानी ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल दूसरी एंबुलेंस की व्यवस्था कराकर मरीज को अल्मोड़ा के लिए रवाना कराया।
जानकारी के अनुसार बोरगांव निवासी मनोज सिंह पुत्र हरीश सिंह गिरने से पैर में गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए अल्मोड़ा रेफर किया था। 108 एंबुलेंस से मरीज को अल्मोड़ा ले जाया जा रहा था। इसी दौरान थोड़ाई के पास अचानक एंबुलेंस का एक्सेल टूट गया और वाहन बीच सड़क पर ही रुक गया।
एंबुलेंस के खराब होने की सूचना मिलने पर सभासद विजय पाल मटियानी ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को देखते हुए तत्काल दूसरी एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। दूसरी एंबुलेंस पहुंचने के बाद घायल मरीज को सुरक्षित रूप से उसमें शिफ्ट किया गया और आगे के उपचार के लिए अल्मोड़ा भेजा गया।
सभासद विजय पाल मटियानी ने 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली और वाहनों के रखरखाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस का रास्ते में इस तरह खराब होना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में पहले ही काफी समय लगता है। ऐसे में यदि एंबुलेंस रास्ते में ही जवाब दे दे तो मरीज की परेशानी और बढ़ जाती है।
उन्होंने संबंधित विभाग से मांग की कि 108 एंबुलेंस वाहनों की नियमित तकनीकी जांच और समय पर सर्विसिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही, पुराने अथवा तकनीकी रूप से खराब वाहनों को गंभीर मरीजों के लिए इस्तेमाल न किया जाए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा में किसी भी तरह की लापरवाही मरीज के लिए भारी पड़ सकती है। इसलिए एंबुलेंस व्यवस्था को मजबूत और भरोसेमंद बनाया जाना जरूरी है।







