कपकोट। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कपकोट के तीन प्राध्यापकों के शोध पत्रों का चयन मुख्यमंत्री उत्कृष्ट शोध प्रकाशन प्रोत्साहन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए किया गया है। प्रदेशभर के महाविद्यालयों के 90 प्राध्यापकों के शोध पत्रों का चयन शासन स्तर पर इस योजना के लिए किया गया है। कपकोट महाविद्यालय के तीन प्राध्यापकों का चयन होने से महाविद्यालय में खुशी का माहौल है।
महाविद्यालय से डॉ. अमीता तिवारी (रसायन विज्ञान), डॉ. निर्मित साह (भूगर्भ विज्ञान) और दीपक कुमार (भौतिक विज्ञान) के शोध पत्र चयनित हुए हैं। तीनों प्राध्यापकों के शोध अलग-अलग वैज्ञानिक विषयों पर आधारित हैं, जिनमें हिमालयी पर्यावरण, प्रकाश के सांख्यिकीय गुणों और वनस्पतियों के औषधीय गुणों का अध्ययन शामिल है।
डॉ. निर्मित साह का शोध पत्र हिमालय में पीछे खिसकती हिमरेखा (स्नोलाइन), पिघलते ग्लेशियरों और उनसे उत्पन्न पारिस्थितिकीय प्रभावों पर केंद्रित है। इसमें पिछले पांच दशकों के दौरान हुए बदलावों का जीआईएस मैपिंग के माध्यम से अध्ययन किया गया है। यह शोध हिमालयी पर्यावरण में हो रहे परिवर्तनों और उनके पारिस्थितिकीय प्रभावों को समझने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
भौतिक विज्ञान के प्राध्यापक दीपक कुमार का शोध पत्र क्लासिकल ऑप्टिक्स के क्षेत्र में प्रकाश के सांख्यिकीय गुणों से संबंधित क्रॉस-स्पेक्ट्रल प्योरिटी (Cross-Spectral Purity) के गुण पर आधारित है। वहीं, रसायन विज्ञान की प्राध्यापिका डॉ. अमीता तिवारी का शोध तराई-भाबर क्षेत्र में पाई जाने वाली मेलालुका ब्रैक्टिएटा वनस्पति के फाइटोकेमिकल विश्लेषण पर केंद्रित है। इसमें वनस्पति में मौजूद तेल, एंटीऑक्सिडेंट और जीवाणुरोधी गुणों का अध्ययन किया गया है।
कपकोट जैसे दूरस्थ क्षेत्र स्थित महाविद्यालय के तीन प्राध्यापकों के शोध पत्रों का योजना के लिए चयन होना संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह उपलब्धि महाविद्यालय में संचालित शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को आगे बढ़ाने की दिशा में उत्साहजनक है। विज्ञान शिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में महाविद्यालय ने कम समय में अपनी अलग पहचान स्थापित की है।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मधुलिका पाठक ने तीनों प्राध्यापकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं, डॉ. एल्बा मण्ड्रेले, डॉ. दीपा जोशी, डॉ. स्मिता सहित अन्य प्राध्यापकों ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की और चयनित प्राध्यापकों को शुभकामनाएं दीं।







