बागेश्वर। वर्ष 2018 की अतिवृष्टि में बह गया भकुना के पास बना झूला पुल आज भी पुनर्निर्माण की राह देख रहा है। यह पुल पिथौरागढ़ जिले के नाचनी और बागेश्वर जिले के कालापैर, कापड़ी, किसमिला सहित कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग था। पुल बहने के नौ साल बाद भी यहां के ग्रामीण रामगंगा नदी को पार करने के लिए जर्जर ट्रॉली के सहारे अपनी जिंदगी दांव पर लगाने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ट्रॉली की हालत बेहद खराब हो चुकी है। न तो इसमें नियमित रूप से ग्रीस लगाया जाता है और न ही इसकी रस्सियों का रखरखाव किया गया है। लोहे की रस्सियों में जंग लग चुकी है, जिससे नदी पार करना हर दिन जोखिम भरा बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस ट्रॉली से गिरकर अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोगों के हाथों की उंगलियां भी कट चुकी हैं। इसके बावजूद क्षेत्र के लोग इसी खतरनाक व्यवस्था के सहारे रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने को मजबूर हैं।
नाचनी बाजार से ही इन गांवों के लोगों को राशन, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान लाना पड़ता है। यहां तक कि पीने के पानी के लिए भी लोगों को नदी पार कर हैंडपंप तक जाना पड़ता है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को ट्रॉली के माध्यम से नदी पार करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस मुद्दे ने अब सोशल मीडिया पर भी जोर पकड़ लिया है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भावना चुफाल ने मुख्यमंत्री **** से झूला पुल के पुनर्निर्माण की मांग करते हुए एक वीडियो जारी किया। वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री ने उनसे फोन पर बातचीत कर जल्द पुल निर्माण का भरोसा दिलाया है।
हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासनों से नहीं, बल्कि जल्द से जल्द पुल निर्माण शुरू होने की उम्मीद है, ताकि वर्षों से झेल रही उनकी परेशानियों का स्थायी समाधान हो सके।








