logo

13 साल से अधर में लटका विज्ञान भवन, जर्जर कमरों में पढ़ने को मजबूर छात्र

खबर शेयर करें -

बागेश्वर : जिले के सबसे पुराने उच्च शिक्षा संस्थानों में शुमार पंडित बद्रीदत्त पांडे परिसर में विज्ञान संकाय भवन पिछले 13 वर्षों से हस्तांतरण न होने के कारण छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रयोगशालाओं से लैस यह भवन निर्माण के बाद से ही बिना उपयोग के बंद पड़ा है, जबकि छात्र जर्जर कमरों में पढ़ाई करने को विवश हैं।

परिसर में विज्ञान संकाय का भवन करीब 12–13 वर्ष पहले तैयार हो चुका था। इसमें छात्रों की प्रयोगात्मक पढ़ाई के लिए सभी जरूरी प्रयोगशालाएं और सुविधाएं भी विकसित की गई थीं। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी भवन को कॉलेज प्रशासन को हस्तांतरित नहीं किया गया है। इस कारण छात्र-छात्राएं पुराने, जीर्ण-शीर्ण भवनों में अपनी पढ़ाई जारी रखने को मजबूर हैं।

यह भी पढ़ें 👉  बागेश्वर में बारिश का कहर, 12 सड़कें बंद, बिजली-पानी संकट गहराया, अस्पताल की दीवार ढही

छात्रों के अनुसार, बरसात के दिनों में इन भवनों की हालत और भी खस्ता हो जाती है। थोड़ी सी बारिश में छतों से पानी टपकने लगता है और बरसात बंद होने के बाद छतों से सीमेंट के टुकड़े गिरते हैं। इससे न केवल पढ़ाई प्रभावित होती है बल्कि सुरक्षा को लेकर भी डर बना रहता है।

यह भी पढ़ें 👉  36 लाख के गबन में डाकपाल को तीन साल की सजा, लाखों का अर्थदंड

छात्र संघ अध्यक्ष सागर जोशी ने बताया कि इस समस्या को लेकर पूर्व में भी जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया था। जिलाधिकारी द्वारा संबंधित विभाग को निर्देश भी जारी किए गए थे, लेकिन एक माह से अधिक बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है।

यह भी पढ़ें 👉  टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने और ओपीएस बहाली की मांग को लेकर शिक्षकों का प्रदर्शन

उन्होंने कहा कि विज्ञान भवन में पढ़ाई शुरू होने से सैकड़ों छात्रों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकता है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते छात्र असुविधा झेल रहे हैं।
छात्रों ने मांग की है कि भवन को जल्द से जल्द परिसर को हस्तांतरित किया जाए ताकि विज्ञान वर्ग की पढ़ाई प्रयोगशालाओं और आधुनिक सुविधाओं के साथ शुरू हो सके।

ADVERTISEMENTS Ad
Share on whatsapp