अंतरराष्ट्रीय कार्य अनुभव और प्रशासनिक अनुभव के साथ चुनावी मैदान में उतरेंगे वरुण चंदोला, पलायन रोकने, पर्यटन और रोजगार को देंगे प्राथमिकता
बागेश्वर। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने कपकोट विधानसभा क्षेत्र से सीए वरुण चंदोला को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। मूल रूप से बागेश्वर जिले की कांडा तहसील के ग्राम पोखरी निवासी वरुण चंदोला शिक्षा, प्रशासनिक अनुभव और अंतरराष्ट्रीय कार्य अनुभव के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। उन्होंने कपकोट के विकास, पलायन रोकने, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और पहाड़ की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने को अपनी प्राथमिकता बताया है।
चार्टर्ड अकाउंटेंट (एफसीए) वरुण चंदोला ने बीकॉम और एमबीए की शिक्षा प्राप्त की है। इसके साथ ही वह भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय से तबले में संगीत विशारद भी हैं। वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों का अनुभव रखने वाले चंदोला उत्तराखंड सरकार के उद्योग निदेशालय में महाप्रबंधक (निवेश प्रोत्साहन) के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। सितंबर 2025 में सरकारी सेवा से त्यागपत्र देने के बाद उन्होंने दोबारा चार्टर्ड अकाउंटेंसी के पेशे में सक्रिय भूमिका संभाली।
अपने पेशेवर जीवन के दौरान उन्हें जापान, दुबई और मालदीव जैसे देशों में काम करने का अवसर मिला। उनका कहना है कि विभिन्न देशों के विकास मॉडल और निवेश व्यवस्था को करीब से समझने का अनुभव अब वह अपनी जन्मभूमि के विकास में लगाना चाहते हैं। गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाने की मांग से भी वह जुड़े हुए हैं और स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति के सदस्य हैं।
पर्यटन और कृषि को बनाएंगे रोजगार का आधार
कपकोट विधानसभा के लिए अपना विकास विजन रखते हुए वरुण चंदोला ने पिंडारी ग्लेशियर, सुंदरढूंगा घाटी और क्षेत्र के अन्य प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की बात कही है। उनका जोर होमस्टे, स्थानीय गाइड और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर रहेगा।
इसके अलावा कृषि एवं बागवानी को आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़ने, कीवी, मसालों और स्थानीय उत्पादों का मूल्य संवर्धन करने तथा एग्रोफॉरेस्ट्री के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की योजना भी उनके विजन में शामिल है।
उन्होंने युवाओं के लिए कौशल विकास, स्टार्टअप, स्वरोजगार और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। साथ ही सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं को दुर्गम गांवों तक पहुंचाना अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
पलायन मुक्त और आत्मनिर्भर कपकोट का संकल्प
वरुण चंदोला का कहना है कि राजनीति में आने का उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि अपनी शिक्षा, अनुभव और क्षमता का उपयोग जन्मभूमि के विकास के लिए करना है। वह पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को राजनीति का आधार बनाने की बात कहते हैं।
उत्तराखंड क्रांति दल की मूल विचारधारा से जुड़ाव जताते हुए उन्होंने कहा कि अलग राज्य निर्माण के समय जो सपने देखे गए थे, उन्हें साकार करने की जरूरत है। उनका लक्ष्य कपकोट को पलायन और बेरोजगारी की पहचान से बाहर निकालकर पर्यटन, कृषि, बागवानी और उद्यमिता के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने कहा कि पहाड़ का विकास तभी संभव है, जब विकास की योजनाएं अंतिम गांव तक पहुंचें और स्थानीय संसाधनों का लाभ स्थानीय लोगों को मिले। उनका संकल्प है कि युवाओं को रोजगार के लिए अपना गांव और पहाड़ छोड़ने की मजबूरी न रहे।
उनका कहना है कि पहाड़ बचेगा, तभी उत्तराखंड बचेगा और गांव समृद्ध होंगे, तभी उत्तराखंड आत्मनिर्भर बनेगा।







