कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ धार्मिक मेला, मां उल्का देवी के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
बागेश्वर। मां उल्का देवी की पावन धरा स्याकोट में सोमवार को कौजागिरी पूर्णिमा मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा, डोल-झंझार नृत्य और श्रद्धालुओं के जयकारों के बीच मेले का आगाज हुआ। इस दौरान क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाजों की झलक देखने को मिली। मेले को लेकर क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह रहा। श्रद्धालुओं ने मां उल्का देवी के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मेले के शुभारंभ अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, दर्जा राज्य मंत्री भूपेश उपाध्याय, पूर्व कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह भौर्याल, उत्तराखंड किसान आयोग के सदस्य कुंदन रखौला और मेला संयोजक एवं चौनाला की क्षेत्र पंचायत सदस्य रेखा भट्ट सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। इसके अलावा पूर्व जिला पंचायत सदस्य पूरन सिंह गाड़िया, अर्जुन भट्ट, जिला पंचायत प्रतिनिधि राजेंद्र राठौर, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक, बागेश्वर के पूर्व विधायक प्रत्याशी बालकृष्ण, विधायक प्रतिनिधि योगेश हरड़िया और मंडल अध्यक्ष मनोज भौर्याल ने भी कार्यक्रम में भागीदारी की।
मेले में पारंपरिक लोकनृत्यों और धार्मिक आयोजनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। स्थानीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों ने पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया। आयोजकों के अनुसार, कौजागिरी पूर्णिमा मेला क्षेत्र की धार्मिक आस्था और गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ ही सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को भी मजबूत करते हैं।
मेले के शुभारंभ के साथ ही स्याकोट और आसपास के क्षेत्रों में उत्सव का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां उल्का देवी से सभी के सुखमय जीवन और क्षेत्र की उन्नति की प्रार्थना की।







