बागेश्वर। बच्चों को लैंगिक अपराधों से बचाने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिले में सुरक्षित बचपन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आनंदी एकेडमी, घिरौली में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इसके साथ ही जिले के कुल 10 विद्यालयों में शिविर लगाकर छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम सहित विभिन्न बाल अधिकारों की जानकारी दी गई।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर 26 से 31 अक्टूबर तक आयोजित इस अभियान की थीम ‘जागरूकता, सुरक्षा और संरक्षण हर बच्चे का अधिकार, हर बच्चे का बचपन हम सबकी जिम्मेदारी’ रखी गई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुबीर कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप कुमार तिवारी ने छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम 2012, बाल विवाह, बाल श्रम और बच्चों के अन्य कानूनी अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों और कानूनों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। जागरूकता के माध्यम से बच्चों को लैंगिक अपराधों और शोषण से बचाने के साथ ही उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।
वहीं, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता कुमारी ने बच्चों के लिए बाल-अनुकूल कानूनी सेवाएं योजना 2024, लीगल सर्विसेज यूनिट फॉर चिल्ड्रेन और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को किसी भी परेशानी या असुरक्षित स्थिति में सहायता लेने के लिए जागरूक किया।
चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल चंद्रशेखर मिश्रा ने पॉक्सो एक्ट के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और जरूरत पड़ने पर उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल के माध्यम से जिले के विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और कानूनी अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।







