बागेश्वर। ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन व्यवस्थाओं के कारण आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को लेकर जिला प्रधान संगठन ने पंचायती राज मंत्री मदन कौशिक को ज्ञापन दिया। संगठन ने पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार बनी रहने वाली नेटवर्क समस्या को देखते हुए ऑनलाइन जियो टैगिंग और ऑनलाइन हाजिरी की बाध्यता में राहत देने की मांग की है। साथ ही प्रदेश प्रधान संगठन की 10 सूत्रीय मांगों का जल्द समाधान करने की मांग उठाई है।
जिला प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष दीपक सिंह खेतवाल की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि पहाड़ी क्षेत्रों में कई स्थानों पर नेटवर्क सुविधा सुचारु नहीं है। ऐसे में ऑनलाइन जियो टैगिंग, निर्माण स्थलों की लोकेशन अटैचमेंट और ऑनलाइन हाजिरी जैसी व्यवस्थाओं को लागू करने में ग्राम प्रधानों और पंचायत कर्मियों को परेशानी हो रही है।
संगठन ने मांग की है कि जब तक पर्वतीय क्षेत्रों में पर्याप्त नेटवर्क सुविधा उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक ऑफलाइन हाजिरी की व्यवस्था लागू की जाए। प्रधानों का कहना है कि पहाड़ और मैदान की भौगोलिक परिस्थितियां अलग-अलग हैं, इसलिए पंचायतों के लिए नियम और कार्ययोजनाएं भी स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए।
जी-राम-जी में ऑफलाइन हाजिरी की मांग
प्रधान संगठन ने जी-राम-जी के तहत ऑनलाइन हाजिरी की बाध्यता समाप्त कर पूर्ण ऑफलाइन हाजिरी की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। इसके साथ ही निर्माण कार्यों में ऑनलाइन जियो टैगिंग और लोकेशन अटैचमेंट की अनिवार्यता में भी राहत देने की मांग उठाई गई है।
ज्ञापन में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत पात्र लोगों के नाम सूची से हटाए जाने का मामला भी उठाया गया। संगठन ने पात्र लाभार्थियों के नाम दोबारा सूची में शामिल करने की मांग की है।
श्रमिकों का मानदेय 500 रुपये करने की मांग
प्रधान संगठन ने जी-राम-जी के तहत कार्य करने वाले श्रमिकों का मानदेय बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियां और कार्य की कठिनाई अधिक होने के कारण वर्तमान मानदेय में श्रमिकों को उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा है।
ज्ञापन में प्रदेश प्रधान संगठन की 10 सूत्रीय मांगों का शीघ्र निस्तारण करने, पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क सुविधा मजबूत करने और पंचायतों की अन्य व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई है। विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने भी ज्ञापन पर सहमति जताते हुए हस्ताक्षर किए हैं।








