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उड़खुली में विद्यालय प्रबंधन समिति के तीन दिवसीय प्रशिक्षण का समापन, सुरक्षा व सामुदायिक सहभागिता पर रहा जोर

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बागेश्वर। राजकीय आदर्श जूनियर हाई स्कूल उड़खुली में आयोजित विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) एवं विद्यालय विकास समिति का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यालय प्रबंधन को सुदृढ़ बनाना, आपदा प्रबंधन, विद्यालय सुरक्षा तथा शिक्षा में सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना रहा। प्रशिक्षण के तृतीय दिवस के अवसर पर संदर्भ दाता महेश चंद्र जोशी ने आपदा प्रबंधन, जोखिम न्यूनीकरण एवं विद्यालय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आपदा के समय सतर्कता, पूर्व तैयारी और सामूहिक प्रयासों से जान-माल की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विद्यालयों में सुरक्षा मानकों का पालन और बच्चों को आपदा से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना अत्यंत आवश्यक है।
वरिष्ठ अध्यापक उमेश चंद्र जोशी ने सामुदायिक सहभागिता की वर्तमान समय में आवश्यकता पर अपने विचार रखते हुए कहा कि विद्यालय का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब अभिभावक, शिक्षक और समाज मिलकर कार्य करें। उन्होंने अपने लंबे शैक्षिक अनुभवों को साझा करते हुए प्रशिक्षण की उपयोगिता पर विशेष जोर दिया और एसएमसी सदस्यों को अपनी जिम्मेदारियों का सक्रियता से निर्वहन करने का आह्वान किया। प्रशिक्षण में सीआरसी तिलसारी के समन्वयक महेश चंद्र जोशी ने आह्वान मॉडल पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए बताया कि किस प्रकार सामूहिक प्रयासों से विद्यालयों को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित किया जा सकता है। कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक शंकर टम्टा ने आपदा की स्थिति में विद्यालय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए आवश्यक सावधानियों और तैयारियों पर प्रकाश डाला। वहीं एसएमसी अध्यक्ष वीरेंद्र लाल सहित अन्य वक्ताओं ने भी प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता जताई। इस अवसर पर निर्मला आर्य, प्रदा प्रधानाध्यापक फहीम अहमद, दीपा देवी, बीना देवी, लीला देवी, प्रकाश कुमार सहित अनेक एसएमसी अध्यक्ष एवं सदस्य उपस्थित रहे। तीन दिवसीय प्रशिक्षण के समापन सत्र का संचालन एवं औपचारिक समापन वरिष्ठ अध्यापक उमेश चंद्र जोशी द्वारा किया गया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि इससे विद्यालय प्रबंधन, सुरक्षा और विकास कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।

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