बागेश्वर। कांडा तहसील के नरगोली गांव में जंगली सुअरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। वन्यजीवों के खेतों में घुसने से किसानों की धान समेत अन्य फसलें बर्बाद हो रही हैं। फसलों को हो रहे लगातार नुकसान से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है और खेती-किसानी पर संकट गहराने लगा है।
ग्रामीणों के अनुसार, बीते कई दिनों से जंगली सुअर रात के समय खेतों में घुसकर धान की रोपाई और तैयार हो रही फसल को खोदकर नष्ट कर रहे हैं। मेहनत से तैयार की गई फसल के बर्बाद होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि जंगली सुअरों की लगातार बढ़ती आवाजाही से ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी खतरा बना हुआ है।
किसानों ने बताया कि वन्यजीवों के कारण खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है। हर वर्ष फसल बर्बाद होने के कारण कई किसान अपने खेतों को खाली छोड़ने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो खेती से पूरी तरह मोहभंग होने के साथ गांव से पलायन की समस्या भी बढ़ सकती है।
समस्या को लेकर क्षेत्र की महिला काश्तकारों शोभा देवी, अनीता देवी, आशा देवी, गुड़िया देवी, मीरा देवी और हेमा देवी ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि किसानों की मेहनत और आजीविका को बचाने के लिए वन्यजीवों से फसलों की सुरक्षा बेहद जरूरी है।
ग्रामीणों और महिला किसानों ने राजस्व विभाग, वन विभाग और कृषि विभाग से संयुक्त रूप से प्रभावित खेतों का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने वन्यजीवों से हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कर किसानों को उचित मुआवजा देने और भविष्य में फसलों की सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग अथवा मजबूत सुरक्षा बाड़ लगाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो गांव में खेती प्रभावित होकर पूरी तरह ठप होने की स्थिति में पहुंच सकती है। उन्होंने प्रशासन से जंगली सुअरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है।








