बागेश्वर, 14 सितंबर। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) देहरादून के तत्वावधान में पी.एम. श्री विक्टर मोहन जोशी स्मारक राजकीय इंटर कॉलेज, बागेश्वर में जनपद स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में जिले के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग कर विज्ञान और ऊर्जा के क्षेत्र में अपने विचार प्रस्तुत किए।
इस वर्ष विज्ञान संगोष्ठी का विषय ‘भारतीय ऊर्जा परिदृश्य 2047: संभावनाएं एवं चुनौतियां’ रखा गया था। प्रतिभागियों ने विषय पर अपने विचार रखते हुए भारत की ऊर्जा जरूरतों, भविष्य की संभावनाओं और सामने आने वाली चुनौतियों पर अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन संगम शाह ने किया।
संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ विज्ञान विषय के प्रति उनकी समझ विकसित करना और उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति और ज्ञान का प्रदर्शन किया।
अवनि प्रियदर्शिनी ने हासिल किया पहला स्थान
प्रतियोगिता में कन्ट्रीवाइड पब्लिक स्कूल, मंडलसेरा की कक्षा आठ की छात्रा अवनि प्रियदर्शिनी जोशी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय और जिले का नाम रोशन किया। उनकी मार्गदर्शक शिक्षिका मनीषा बिष्ट रहीं।
वहीं रा.इ.का. गरुड़ की सुवर्णा जोशी ने द्वितीय स्थान हासिल किया। उन्हें मार्गदर्शन कैलाश चंद्र सनवाल ने दिया। आनंदी एकेडमी, घिरौली की कक्षा नौ के छात्र दक्षिष उपाध्याय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। उनके मार्गदर्शक हिमांशु आर्या रहे।
प्रतियोगिता के बाद विजेता प्रतिभागियों को प्रधानाचार्य एवं जनपद विज्ञान समन्वयक दीप चंद्र जोशी ने प्रमाण-पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बागेश्वर का प्रतिनिधित्व करेंगे विजेता
जनपद स्तर पर प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली अवनि प्रियदर्शिनी लोहुमी और सुवर्णा जोशी अब राज्य स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी में जनपद बागेश्वर का प्रतिनिधित्व करेंगी। दोनों विद्यार्थियों के चयन से विद्यालयों और शिक्षकों में खुशी का माहौल है।
इस अवसर पर नीरज जोशी, प्रेम प्रकाश उपाध्याय, अतुल लोहमी, गरिमा शाह, पूरन सिंह बिष्ट, ममता पुरोहित समेत कई शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।







