बागेश्वर। क्षेत्र में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को फटगली प्राथमिक विद्यालय से घर लौट रही कक्षा-2 की एक छात्रा पर बंदरों ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार कमोल गांव निवासी चन्द्रशेखर त्रिकोटी की पुत्री, जो फटगली प्राथमिक विद्यालय में कक्षा-2 की छात्रा है, विद्यालय से छुट्टी के बाद घर लौट रही थी। इसी दौरान स्कूल से कुछ दूरी पर मौजूद बंदरों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। बंदरों के हमले से बच्ची बुरी तरह घायल हो गई और उसके शरीर से खून बहने लगा।
घटना के समय आसपास मौजूद अन्य बच्चों के शोर मचाने और साथ चल रहे अभिभावकों की तत्परता से बंदरों को किसी तरह भगाया गया, जिसके बाद बच्ची को सुरक्षित बचाया जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मदद नहीं मिलती तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बंदरों और जंगली जानवरों का आतंक बना हुआ है। अब स्थिति यह हो गई है कि गांव ही नहीं बल्कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी ये जानवर दिनदहाड़े लोगों पर हमला कर रहे हैं। खासकर महिलाएं और स्कूली बच्चे इससे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने सरकार और वन विभाग से मांग की है कि बंदरों और अन्य हिंसक जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।








