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बिजली व्यवस्था पर आफ़त, पिटकुल सब-स्टेशन को भारी नुकसान, वैकल्पिक लाइन से चल रही आपूर्ति

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बागेश्वर। जिले में सोमवार को हुई भीषण बारिश ने पिटकुल के अत्याधुनिक 132/33 केवी गैस इंसुलेटेड सब-स्टेशन (GIS) को भारी नुकसान पहुंचाया है। उत्तराखंड का पहला जीआईएस सब-स्टेशन माने जाने वाले इस केंद्र के पैनल, ब्रेकर और यार्ड बारिश व पहाड़ के मलबे की चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

चीन से आएंगे इंजीनियर

विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, क्षतिग्रस्त उपकरणों की मरम्मत स्थानीय स्तर पर संभव नहीं है। इन्हें दुरुस्त करने के लिए चीन से विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम बुलाई जाएगी। अनुमान है कि पूरे सिस्टम को ठीक होने में करीब चार महीने का समय लगेगा।

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जिले की बिजली आपूर्ति पर असर

सब-स्टेशन को नुकसान पहुंचने के कारण बागेश्वर जिले की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो गई है। हालांकि, फिलहाल आपूर्ति बनाए रखने के लिए विभाग ने अल्मोड़ा-ताकुला लाइन से बागेश्वर को अस्थायी रूप से जोड़ा है। लेकिन यह व्यवस्था केवल आपातकालीन समाधान है और लोड बढ़ने पर बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।

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उपखंड अधिकारी ने दी जानकारी

इस संबंध में आनंद खोलिया, उपखंड अधिकारी विद्युत विभाग बागेश्वर ने बताया, “भारी बारिश से सब-स्टेशन को गंभीर क्षति पहुंची है। इसे दुरुस्त करने के लिए चीन से विशेषज्ञ टीम को बुलाया जा रहा है। चार महीने बाद ही सब-स्टेशन को पूरी तरह सुचारू किया जा सकेगा। तब तक जिले को वैकल्पिक लाइन से बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।”

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क्यों महत्वपूर्ण है यह सब-स्टेशन?

गौरतलब है कि बागेश्वर का यह 132/33 केवी जीआईएस सब-स्टेशन उत्तराखंड का पहला गैस इंसुलेटेड सब-स्टेशन है। आधुनिक तकनीक से लैस इस केंद्र के माध्यम से जिले को निर्बाध और सुरक्षित विद्युत आपूर्ति की जाती रही है। ऐसे में इसके क्षतिग्रस्त होने से न केवल विभाग बल्कि आम जनता को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

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