बागेश्वर जनपद के जंगलों में लगातार बढ़ रही वनाग्नि की घटनाओं को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गहरी चिंता जताई है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गरुड़ के अध्यक्ष गिरीश कोरंगा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया है कि जनपद के विभिन्न वन क्षेत्रों में लगातार जंगलों में आग लगने से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है। बहुमूल्य जड़ी-बूटियां नष्ट हो रही हैं और जंगलों में रहने वाले वन्यजीवों के अस्तित्व पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसके साथ ही आग के कारण बढ़ते प्रदूषण से आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि वनाग्नि के चलते जंगली जानवर अपने प्राकृतिक आवास छोड़कर रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं। इससे मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। आबादी क्षेत्रों में जंगली जानवरों की आवाजाही से जनहानि का खतरा बढ़ गया है और ग्रामीणों के मवेशियों पर भी संकट मंडरा रहा है। पूर्व में भी जंगलों में आग लगने की कई गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
ज्ञापन में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि “फायर कंट्रोल बर्निंग” के नाम पर अनियंत्रित तरीके से जंगलों में आग लगाकर छोड़ दी जाती है, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है। आरोप है कि इसी प्रक्रिया की आड़ में करोड़ों रुपये का फर्जी गबन किया जा रहा है। विभाग की इस प्रकार की लापरवाही के कारण क्षेत्र में वन विभाग और सरकार के प्रति भारी रोष व्याप्त है।
ब्लॉक अध्यक्ष गिरीश कोरंगा ने प्रशासन से मांग की कि जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए तत्काल सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और जिम्मेदार विभागों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही आग पर नियंत्रण नहीं पाया गया और ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस कमेटी गरुड़ को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि जनहित और पर्यावरण संरक्षण के लिए वनाग्नि पर नियंत्रण बेहद आवश्यक है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








