शंकराचार्य पर हुए हमले की संघर्ष वाहिनी ने की निंदा
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों पर हुए दुर्व्यहार, बदसलूकी और मारपीट की घटना पर संघर्ष वाहिनी ने कड़ी आपत्ति जताई है। नाराज लोगों ने इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार और वहां की कानून व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है। बागनाथ मंदिर में शंकराचार्य को सनातन धर्म की रक्षा के लिए शक्ति मिले इसके लिए बागनाथ मंदिर में हवन किया। जिलाध्क्ष कवि जोशी ने कहा कि जब देश में सदियों से सनातन की रक्षा करने वाले शंकराचार्य धर्म गुरु और संत सुरक्षित नहीं हैं, उस देश में धर्म की रक्षा के लिए सनातन को मानने और पूजने वालों को सड़को पर आकर सबको जगाना पड़ेगा।
संरक्षक रमेश पांडेय कृषक ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए महाउधघोष किया गया है। बागनाथ के दरबार में आकर शिव से यही वरदान मांगती है कि शंकराचार्य को इतनी अधिक शक्ति दें कि शंकराचार्य उस राजनीतिक विचारधारा विशेष से सनातन की रक्षा कर सकें जो राजनीतिक विचारधारा अपना राजनीतिक उल्लू सीधा करने के लिए सनातन धर्म का सर्वनाश करने पर तुली हुई है। प्रवक्ता अंकुर उपाध्याय जिला प्रवक्ता ने कहा कि जहां पूरे विश्व में सदियों से सनातन की रक्षा धर्म गुरु शंकराचार्य कर रहे हैं, उस देश में संतों का ये अपमान अशोभनीय और निंदनीय है। इस मौके पर विजय परिहार, सुनील पांडे, प्रकाश वाछमी, महेश नगरकोटी, पंकज लोहनी, मनीष चौबे कोषाध्यक्ष छात्र संघ, दिव्यांशु कुमार आदि मौजूद थे।








