भैसुड़ीकुटीर पहुंचकर पूर्व दर्जा राज्यमंत्री ने परिजनों का जाना हाल, बोले—आपदा पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता के लिए भटकना दुर्भाग्यपूर्ण
कपकोट। खीर गंगा नदी में बहने से जान गंवाने वाले कपकोट विधानसभा क्षेत्र के भैसुड़ीकुटीर ग्राम सभा निवासी राजन राम के परिवार की पीड़ा सामने आई है। हादसे के 11 दिन बाद भी परिवार को सरकारी स्तर से आर्थिक सहायता नहीं मिलने का मामला सामने आया है। पूर्व दर्जा राज्यमंत्री हरीश ऐठानी ने रविवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनकी स्थिति का जायजा लिया और सरकार एवं प्रशासन से तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
बताया गया कि घी संक्रांति के पर्व पर राजन राम त्योहारी सामान लेने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान नदी किनारे स्नान करते समय अचानक जलस्तर बढ़ने से उनका पैर फिसल गया और वह खीर गंगा नदी की तेज धारा में बह गए। हादसे के बाद उनकी तलाश शुरू की गई। करीब पांच दिन बाद उनका पार्थिव शरीर बरामद हो सका।
पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान हरीश ऐठानी ने परिजनों का हालचाल जाना और उनकी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि परिवार ने अपना सदस्य खोया है और इस समय उन्हें भावनात्मक के साथ-साथ आर्थिक सहारे की भी जरूरत है। ऐसे कठिन समय में सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि पीड़ित परिवार के साथ संवेदनशीलता से खड़ा हो।
ऐठानी ने कहा कि आपदा मानकों के बावजूद परिवार को अब तक आर्थिक सहायता नहीं मिल पाना गंभीर विषय है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर नियमानुसार आपदा राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि आपदा की मार झेल चुके परिवार को सरकारी सहायता के लिए दर-दर भटकना पड़े, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़ित परिवार की स्थिति को देखते हुए तत्काल राहत पहुंचानी चाहिए।
पूर्व दर्जा राज्यमंत्री हरीश ऐठानी ने स्पष्ट कहा कि वह पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और सरकार से मांग करते हैं कि राजन राम के परिवार को बिना किसी अनावश्यक देरी के नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।








