भैरौचौबट्टा क्षेत्र के परिवार ने कहा- पूरी जमीन खनन की चपेट में, अब मकान बचाना भी मुश्किल
बागेश्वर। खड़िया खनन के चलते जमीन और आवासीय मकान के प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए भैरौचौबट्टा क्षेत्र का एक परिवार जिला कार्यालय में धरने पर बैठ गया। परिवार का कहना है कि खनन के कारण उनकी जमीन लगातार प्रभावित हो रही है और अब उनके सामने रहने के लिए मकान बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। परिवार ने प्रशासन से मौके की जांच कराकर समस्या का समाधान कराने की मांग की है। धरने पर बैठे परिवार के सदस्यों ने बताया कि उनकी नाप भूमि भैरौचौबट्टा पटवारी क्षेत्र में है। उनका आरोप है कि संबंधित क्षेत्र में हो रहे खड़िया खनन के कारण उनकी भूमि प्रभावित हो रही है। खनन के चलते जमीन का बड़ा हिस्सा कट चुका है और उनका आवासीय मकान भी खतरे की जद में आ गया है। परिवार के अनुसार, अब उनके पास दूसरा मकान बनाने के लिए भी कोई जगह नहीं बची है। ऐसे में यदि मौजूदा मकान भी प्रभावित होता है तो परिवार के सामने रहने का गंभीर संकट पैदा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि पूर्व में मकान बनाने को लेकर उन्हें आश्वासन दिया गया था, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। परिवार ने बताया कि बरसात का मौसम होने के कारण उनकी चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि खनन से प्रभावित जमीन और मकान की स्थिति को देखते हुए जल्द मौके का निरीक्षण किया जाना जरूरी है। धरने पर बैठे परिवार ने प्रशासन से पटवारी स्तर से मौके की जांच कराने, जमीन और मकान की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने तथा परिवार को सुरक्षित आवास की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की। परिवार का कहना है कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक वे अपनी मांग को लेकर आंदोलित रहेंगे। परिवार के जिला कार्यालय में धरने पर बैठने से मामला चर्चा में आ गया। परिवार ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई है।








