बागेश्वर। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत घोड़ागाड़ गांव में गुलदार के हमले में एक महिला के गंभीर रूप से घायल होने के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। घटना के बाद से ही ग्रामीणों में भय व्याप्त है, जिसे देखते हुए वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के साथ ही गुलदार को पकड़ने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार कल देर शाम घोड़ागाड़ गांव में एक महिला पर गुलदार ने अचानक हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया था। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने किसी तरह उसकी जान बचाई, लेकिन इस घटना के बाद से ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। ग्रामीणों की सुरक्षा और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने तत्काल प्रभाव से गांव में दो पिंजरे स्थापित कर दिए हैं। इसके साथ ही गुलदार की आवाजाही को ट्रैक करने के लिए संवेदनशील स्थानों पर दो ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। गुलदार को आबादी वाले इलाकों से दूर रखने और रात के समय उसकी मौजूदगी का पता लगाने के लिए वन विभाग द्वारा गांव में दो आधुनिक एनाइडर मशीनें भी स्थापित की गई हैं। यह मशीनें विशेष रोशनी और ध्वनि के जरिए वन्यजीवों को इंसानी बस्तियों की ओर आने से रोकती हैं। वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में कांबिंग कर रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है। गांव में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने और गश्त की कमान संभालने के लिए वन दरोगा नंद राम, पवन मेहरा, मोहित कुमार तथा वन बीट अधिकारी अशोक गोस्वामी, योगेश कोरंगा और हरीश प्रसाद की संयुक्त टीम तैनात की गई है। टीम के सदस्यों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि गुलदार को जल्द से जल्द पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सुबह और शाम के समय अकेले सुनसान रास्तों पर जाने से बचें और बच्चों तथा मवेशियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।








