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प्रो. अनूप कुमार राजपूत ने दिए गतिविधि आधारित शिक्षण के सूत्र

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गणित शिक्षण को व्यवहारिक बनाने के लिए डायट बागेश्वर में पांच दिवसीय कार्यशाला जारी

बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बागेश्वर में आयोजित पाँच दिवसीय गणित लैब गतिविधि आधारित अभिमुखीकरण कार्यशाला दूसरे दिन भी उत्साहपूर्वक जारी रही। डायट की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट (AWP&B) अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य माध्यमिक स्तर पर गणित शिक्षण को अधिक प्रभावी, रोचक और व्यवहारिक बनाना है।

इस कार्यशाला में एनसीईआरटी, नई दिल्ली के प्रोफेसर एवं प्रारंभिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. अनूप कुमार राजपूत मुख्य रिसोर्स पर्सन के रूप में शामिल हुए। उन्होंने गणित लैब गतिविधियों, स्वयं शिक्षण सामग्री (TLM) निर्माण, ICT आधारित शिक्षण, एनईपी–2020 और एनसीएफ–2023 आधारित गणित शिक्षण दृष्टिकोण पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। डॉ. राजपूत ने कहा कि गणित को समझने के लिए गतिविधियाँ और प्रयोग सबसे प्रभावी साधन हैं। यदि शिक्षक कक्षा में मॉडल, प्रयोग और ICT टूल्स का प्रयोग बढ़ाएँगे, तो बच्चे अवधारणाओं को अधिक गहराई से समझ पाएंगे। जनपद के तीनों विकासखंडों से आए कुल 50 गणित शिक्षक प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं। प्रतिभागी मॉडल निर्माण, चार्ट, गणितीय प्रयोग, ICT टूल्स के उपयोग, अध्यापन मॉड्यूल निर्माण और समूह चर्चा जैसी गतिविधियों में सक्रियता से शामिल हो रहे हैं। कार्यशाला के संचालन और समन्वयन की जिम्मेदारी निभा रहे बी.डी. पांडे ने बताया कि इस प्रशिक्षण का लक्ष्य शिक्षकों को कक्षा-कक्ष में व्यवहारिक और प्रयोगात्मक शिक्षण अपनाने के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि केवल पुस्तक आधारित शिक्षण से अधिगम परिणाम बेहतर नहीं हो सकते। गतिविधि-आधारित शिक्षण ही बच्चों को गणित के प्रति सकारात्मक और जिज्ञासु बनाता है। डायट बागेश्वर के प्राचार्य चक्षुपति अवस्थी के नेतृत्व में यह कार्यक्रम संचालित हो रहा है। अवस्थी ने कहा कि हमारा प्रयास है कि जिले के सभी गणित शिक्षक गतिविधि आधारित शिक्षण को स्कूलों में प्रभावी रूप से लागू करें। इससे छात्रों की समझ, तार्किक क्षमता और सीखने के परिणामों में निश्चित रूप से सुधार आएगा। शिक्षकों ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए कहा कि यहां सीखी गई गतिविधियाँ और ICT उपकरण वे सीधे विद्यालयों में लागू करेंगे। पाँच दिवसीय यह कार्यशाला जिले में गणित शिक्षण की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

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