बागेश्वर। दस सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्राम प्रधान संगठन एक बार फिर मुखर हो गया है। जिले के बागेश्वर, गरुड़ और कपकोट विकासखंड मुख्यालयों में ग्राम प्रधानों ने तालाबंदी कर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। प्रधानों ने सरकार पर मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
बागेश्वर ब्लॉक अध्यक्ष नवल किशोर ने कहा कि प्रदेश संगठन पिछले चार माह से लगातार दस सूत्रीय मांगपत्र शासन को सौंप रहा है। हर बार मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक किसी भी प्रमुख मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे ग्राम प्रधानों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष दीपक खेतवाल ने कहा कि ग्राम सभा देश की पहली विकासात्मक इकाई है, लेकिन पंचायतों को ही लगातार कमजोर और निष्क्रिय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान गांवों के विकास की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, इसके बावजूद उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दस सूत्रीय मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो ग्राम प्रधान संगठन सामूहिक रूप से त्यागपत्र देने जैसे कड़े कदम उठाने को मजबूर होगा। प्रदर्शन के दौरान प्रधानों ने सरकार से मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की।
तालाबंदी और धरना-प्रदर्शन के चलते विकासखंड मुख्यालयों में कामकाज भी प्रभावित रहा। प्रधानों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे प्रदेश स्तर पर और व्यापक किया जाएगा।







