बागेश्वर जनपद के रमणीय स्थल बोरगांव में बुधवार को पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। अल्मोड़ा पर्यटन विभाग के तत्वाधान में बागेश्वर जिले में आयोजित हो रहे इस प्रशिक्षण से स्थानीय युवाओं में भी उत्साह की लहर है। पर्वतीय क्षेत्र में पर्यटन को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुरू हुई यह पहल युवाओं को एडवेंचर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशिक्षक जगदीश जोशी के नेतृत्व में संचालित हो रहा है। इसमें अल्मोड़ा जिले से आए 20 युवक-युवतियाँ भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पैराग्लाइडिंग की तकनीकी बारीकियाँ, उड़ान के दौरान संतुलन बनाए रखने के तरीके, मौसम की पहचान, सुरक्षा उपाय और आपातकालीन प्रबंधन से जुड़ी जानकारी दी जा रही है।
स्पोर्ट्स एडवेंचर से युवाओं को मिलेगी नई दिशा
प्रशिक्षक जगदीश जोशी ने बताया कि पैराग्लाइडिंग केवल एक खेल नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और साहस का प्रतीक है। उन्होंने कहा, बागेश्वर की भौगोलिक बनावट और खुले आसमान के दृश्य इसे पैराग्लाइडिंग के लिए बेहद उपयुक्त बनाते हैं। इस तरह के प्रशिक्षण से न केवल पर्यटन को गति मिलेगी बल्कि युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। जोशी ने कहा कि आने वाले समय में यदि प्रशासन और पर्यटन विभाग इस दिशा में निरंतर प्रयास करें, तो बोरगांव और आसपास के क्षेत्र को एडवेंचर हब के रूप में विकसित किया जा सकता है।
युवाओं ने साझा किए अपने अनुभव
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रतिभागियों में उत्साह देखते ही बनता है। अल्मोड़ा से आए प्रतिभागीयो ने बताया हमने कभी नहीं सोचा था कि अपने ही राज्य में इतने सुंदर स्थान पर पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण मिलेगा। यह अनुभव हमारे लिए यादगार है और हमें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित कर रहा है। उन्होंने बताया कि हम इस क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल कर आगे पैराग्लाइडिंग इंस्ट्रक्टर या गाइड के रूप में काम कर सकते हैं। यह पर्यटन के साथ-साथ हमारी आजीविका का भी साधन बनेगा।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
स्थानीय ग्रामवासियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बोरगांव का मनमोहक प्राकृतिक परिवेश, खुला आकाश और शांत वातावरण इसे पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के लिए आदर्श स्थल बनाते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि इस पहल से क्षेत्र में होमस्टे, स्थानीय हस्तशिल्प, भोजनालयों और परिवहन सेवाओं को भी लाभ मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
प्रशासन से स्थायी केंद्र की मांग
ग्रामीणों और प्रशिक्षकों ने जिला प्रशासन से बोरगांव में एक स्थायी पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि इस स्थान को नियमित प्रशिक्षण स्थल के रूप में विकसित किया जाए तो यह न केवल बागेश्वर बल्कि पूरे कुमाऊँ क्षेत्र के युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
बागेश्वर में एडवेंचर टूरिज्म की नई शुरुआत
पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण के शुभारंभ के साथ बागेश्वर जिले में एडवेंचर टूरिज्म की दिशा में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल यदि निरंतर जारी रही तो आने वाले वर्षों में बागेश्वर को उत्तराखंड का पैराग्लाइडिंग हॉटस्पॉट के रूप में पहचान मिल सकती है।








