बागेश्वर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बहनों को मायके तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए कपकोट के पदम सिंह पिछले पांच वर्षों से अनूठी पहल कर रहे हैं। वह हर वर्ष रक्षाबंधन के दिन अपनी मिनी बस के माध्यम से बहनों को निःशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। उनकी इस पहल का लाभ बागेश्वर से कपकोट, भराड़ी, शामा, लीती, गोगीना समेत आसपास के क्षेत्रों में जाने वाली बहनों को मिलता है।
रक्षाबंधन पर मायके जाने वाली बहनों के लिए पदम सिंह की यह पहल लगातार पांचवें वर्ष भी जारी रही। बस सेवा के जरिए कई बहनें बिना किराया दिए अपने मायके पहुंचीं। इस दौरान बहनों ने पदम सिंह और उनके सहयोगी नरेंद्र सिंह के इस प्रयास की सराहना की।
भनार निवासी पार्वती कोरंगा ने कहा कि पदम सिंह पिछले पांच वर्षों से लगातार रक्षाबंधन के दिन बहनों को निःशुल्क उनके मायके तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समाज के लिए एक मिसाल है और ऐसे प्रयासों से पर्व की खुशियां और बढ़ जाती हैं।
बागेश्वर निवासी विनिता ने बताया कि उनका मायका शिखर भनार में है। पदम सिंह की निःशुल्क बस सेवा के कारण वह आसानी से अपने मायके पहुंच पा रही हैं। उन्होंने इस पहल के लिए पदम सिंह का आभार जताया।
नेहा कोरंगा ने भी कहा कि इस निःशुल्क बस सेवा से वह बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के दिन मायके पहुंचने में मिली यह सुविधा बहनों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है।
बहनों ने बांधी राखी
बस में सफर कर रही बहनों ने पदम सिंह और उनके सहयोगी नरेंद्र सिंह को राखी बांधकर उनके प्रति आभार जताया। इस दौरान बस में रक्षाबंधन का माहौल भी देखने को मिला।
पदम सिंह ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से रक्षाबंधन पर बहनों के लिए निःशुल्क बस सेवा चलाकर उन्हें बेहद खुशी मिलती है। उन्होंने कहा, “बहनों से बड़ा कोई नहीं।” इसी भावना के साथ वह हर वर्ष इस सेवा को जारी रखते हैं।
पदम सिंह की यह पहल न केवल बहनों को उनके मायके तक पहुंचाने में मदद कर रही है, बल्कि रक्षाबंधन के पर्व पर भाई-बहन के रिश्ते और सामाजिक सरोकार की एक सुंदर मिसाल भी पेश कर रही है।








