logo

सड़क की मांग को लेकर महिलाओं ने संभाला मोर्चा, आंदोलन को दी मजबूती

खबर शेयर करें -

बागेश्वर। सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार जारी है। शुक्रवार को क्षेत्र की महिलाओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। महिलाओं ने कहा कि सरकार महिलाओं के हित में बड़ी-बड़ी योजनाओं का दावा करती है, लेकिन गांवों में जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। ग्रामीणों को आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ रहा है।

महिलाओं ने कहा कि सड़क सुविधा के अभाव का सबसे अधिक खामियाजा उन्हें ही भुगतना पड़ता है। गांव में किसी महिला के गर्भवती होने पर उसे अस्पताल पहुंचाना चुनौती बन जाता है। वहीं, बुजुर्गों और बीमार लोगों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रोजमर्रा की जरूरत का सामान भी ग्रामीणों को पैदल ही गांव तक पहुंचाना पड़ता है। बरसात के दौरान मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।

यह भी पढ़ें 👉  असहाय बेटियों और बुजुर्गों संग बांटी रक्षाबंधन की खुशियां

आश्वासन नहीं, धरातल पर चाहिए सड़क

धरने पर बैठी महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। जब तक सड़क निर्माण का कार्य धरातल पर शुरू नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। महिलाओं ने कहा कि सड़क बनने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  गुलदार के हमले से घोड़ागाड़ में दहशत, वन विभाग ने लगाए दो पिंजरे, ट्रैप कैमरे और एनाइडर मशीनें

शुक्रवार को 59 वर्षीय बसंती बघरी और 51 वर्षीय खगोती बघरी भी धरने पर बैठीं। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से आंदोलन को नई मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि सड़क क्षेत्र के लोगों की वर्षों पुरानी जरूरत है और इसके लिए ग्रामीण लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं।

महिलाओं ने कहा- मूलभूत सुविधा के लिए कब तक करना होगा संघर्ष?

महिलाओं ने सरकार और प्रशासन से सवाल किया कि जब सड़क गांव की मूलभूत जरूरत है तो इसके लिए ग्रामीणों को धरने और आंदोलन का सहारा क्यों लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क सुविधा मिलने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक ग्रामीणों की पहुंच भी बेहतर होगी।

यह भी पढ़ें 👉  कूड़ा पिकअप की टक्कर से बोलेरो चालक गंभीर, नशे में वाहन चलाने पर उठे सवाल

धरने में अध्यक्ष पूर्व कैप्टन रतन सिंह दानू, संरक्षक चरण सिंह बघरी, सचिव करम सिंह दानू, गजेंद्र सिंह धामी, शेर सिंह दानू, मधन सिंह धामी, मालती देवी, गवारा देवी, पुष्पा धामी, बबिता देवी, रमा दानू और पार्वती धामी समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।

ADVERTISEMENTS Ad Ad
Share on whatsapp