बागेश्वर। राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विद्या भारती की ओर से जिलेभर में सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिले के विभिन्न विद्यालयों सहित कुल 21 स्थानों पर 7,105 लोगों ने निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत एक साथ राष्ट्रगीत वंदे मातरम का सामूहिक गायन किया।
कार्यक्रमों में विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ ही शिक्षक और अन्य लोग शामिल हुए। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन से देशभक्ति का माहौल बना रहा। आयोजकों ने बताया कि वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में लोगों को राष्ट्रगीत से जोड़ने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
विद्या भारती के क्षेत्रीय निरीक्षक डॉ. अव्वल सिंह टोपल ने कहा कि शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में संस्कार, राष्ट्रभावना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जिले के 21 स्थानों पर सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें 7,105 लोगों ने सहभागिता की।
कमांडेंट बलवंत सिंह ने कहा कि वंदे मातरम देश की एकता और राष्ट्रभावना का प्रतीक है। सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत का गायन लोगों में देश के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है। ऐसे आयोजन विशेष रूप से युवा पीढ़ी को राष्ट्र के इतिहास और उसके महत्व से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में शामिल छात्राओं ने कहा कि हजारों लोगों के साथ एक स्वर में वंदे मातरम का गायन करना गौरव और सम्मान का अनुभव रहा। इस तरह के कार्यक्रमों से उन्हें राष्ट्रगीत के इतिहास और महत्व को समझने तथा देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को महसूस करने का अवसर मिलता है।







